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Sehore Desk (16 July 2026): सीहोर शहर में आज आस्था और भक्ति का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने ओडिशा के पुरी की याद दिला दी। जगदीश मंदिर परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा, अटूट आस्था और अभूतपूर्व उत्साह के साथ निकाली गई।
इस ऐतिहासिक चल समारोह में सीहोर शहर और ग्रामीण अंचलों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को रस्सियों से खींचकर पुण्य लाभ कमाया। पूरे मार्ग में ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से आसमान गूंज उठा। भीड़ का आलम यह था कि शहर के प्रमुख मार्गों पर लगभग तीन घंटे तक चक्का जाम जैसी स्थिति रही और यातायात पूरी तरह थमा रहा।
📌 महा-आयोजन की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 🎡 पुरी की तर्ज पर महा-उत्सव: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का रथ खींचने उमड़े हजारों श्रद्धालु।
- 🌸 भव्य पुष्पवर्षा: छावनी के नमक चौराहा, बड़ा बाजार और कोतवाली चौराहा सहित पूरे मार्ग पर हुआ भव्य स्वागत।
- 🎤 संतों का समागम: अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और 108 संत दुर्गाप्रसाद कटारे ने दी अपनी दिव्य उपस्थिति।
- 🏛️ VIP मूवमेंट: प्रदेश के कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा, इंदर सिंह परमार और विधायक सुदेश राय सहित कई दिग्गज नेता हुए शामिल।
- 🕺 सांस्कृतिक आकर्षण: दिल्ली से आए विशेष कलाकारों के धार्मिक नृत्य ने मोहा भक्तों का मन।

📜 “रथयात्रा देती है सनातन धर्म की एकता का संदेश” — पंडित प्रदीप मिश्रा
रथयात्रा के शुभारंभ के अवसर पर सीहोर के सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पपंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा:
“भगवान जगन्नाथ की यह पावन रथयात्रा पूरे समाज को सनातन धर्म की अटूट एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे का दिव्य संदेश देती है। महाप्रभु जगन्नाथ ब्रह्मांड के स्वामी हैं, वे सभी के कल्याणकर्ता हैं और उनकी करुणा-कृपा हर अमीर-गरीब भक्त पर समान रूप से बरसती है।”
वहीं, 108 संत दुर्गाप्रसाद कटारे ने कहा कि छावनी का यह जगदीश मंदिर शहर की प्राचीन धार्मिक धरोहर है, जो सभी सनातन प्रेमियों की आस्था का केंद्र है। ऐसे आयोजन समाज में संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को जिंदा रखते हैं।

🗺️ इन प्रमुख मार्गों से गुजरी रथयात्रा, 3 घंटे थमा रहा ट्रैफिक
सुबह जगदीश मंदिर में भगवान की भव्य महाआरती और विशेष राजभोग पूजन के साथ इस यात्रा का श्रीगणेश हुआ।
- यात्रा का रूट: सुसज्जित रथ मंदिर परिसर से रवाना होकर नमक चौराहा, बड़ा बाजार, कोतवाली चौराहा, आनंद डेयरी चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों से होता हुआ स्वर्णकार मांगलिक भवन पहुंचा।
- भक्तिमय माहौल: रास्ते भर भजन-कीर्तन मंडलियां, ढोल-बाजे, पारंपरिक वाद्ययंत्र और डीजे की धुनों पर युवा और मातृशक्ति थिरकते नजर आए। जगह-जगह सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा प्रसादी और शीतल पेय का वितरण किया गया।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: भारी भीड़ के चलते 3 घंटे तक शहर का मुख्य ट्रैफिक डायवर्ट रहा, जिसे सुचारू बनाने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
💐 परमार समाज ने किया दिग्गजों का स्वागत, ये रहे उपस्थित
रथयात्रा के शुभारंभ पर परमार समाज के प्रांतीय अध्यक्ष सूरज सिंह, चंदर सिंह मंडलोई, मांगीलाल परमार और चल समारोह के अध्यक्ष भंवरलाल परमार का समाज के वरिष्ठों ने आत्मीय स्वागत किया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से: नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, जसपाल अरोरा, सन्नी महाजन सहित समाज के तुलसीराम पटेल, सुरेश गब्बर परमार, जेपी परमार, शिव परमार, विष्णु परमार, कमल पटेल, मुकेश परमार, भगीरथ परमार, हरीश परमार, अनारसिंह परमार, देवनारायण परमार, दशरथ सिंह परमार, भगवान सिंह परमार, मनोहर परमार, लखन परमार, महेंद्र परमार, विक्रम परमार, लक्ष्मीनारायण, रूप सिंह, महेंद्र सिंह और बाबूलाल परमार सहित हजारों की संख्या में मातृशक्ति व श्रद्धालु उपस्थित रहे।




