सीहोर। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने ‘FX Trade’ नाम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप बनाकर और अवैध कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
🚨 कैसे हुआ भंडाफोड़? (म्यूल अकाउंट का खेल)
13 अगस्त 2026 को शाजापुर निवासी अभिषेक मुकाती (20 वर्ष) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सतीश ने सीहोर बस स्टैंड पर फरियादी को लोन दिलाने का झांसा देकर उसका एटीएम कार्ड, पासबुक और लिंक सिम कार्ड ले लिया था। इस बैंक खाते (Mule Account) का उपयोग साइबर ठगी की अवैध रकम मंगाने के लिए किया जा रहा था।
💻 डार्कनेट और ब्लड डोनेशन डायरेक्ट्री से डेटा चोरी
पुलिस जांच में ठगों के नेटवर्क का चौंकाने वाला ‘मोडस ऑपरेंडी’ सामने आया:
- शीतल बिहार कॉलोनी में कॉल सेंटर: पिछले 6 महीनों से अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा था।
- कर्मचारी और डेली टारगेट: सेंटर में 6 कॉलर काम करते थे, जिन्हें प्रतिदिन 100 लोगों को ठगने का टारगेट दिया जाता था।
- डेटा का स्रोत: आरोपियों ने संपन्न लोगों के नंबर ब्लड डोनेशन डायरेक्ट्री से निकाले थे, वहीं बड़े निवेशकों को फंसाने के लिए डार्कनेट (Darknet) से भी डेटा खरीदा जा रहा था।
- फर्जी ‘FX Trade’ ऐप: पीड़ितों को भारी मुनाफे का लालच देकर उनके अपने फर्जी ऐप ‘FX Trade’ के जरिए पैसे निवेश कराए जाते थे।
- तुरंत कैश विथड्रॉल: NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) की जांच में सामने आया कि इन खातों की शिकायतें देश के कई राज्यों से जुड़ी हैं। ठग रकम आते ही तुरंत एटीएम से नकदी निकालकर मनी ट्रेल मिटा देते थे।
📦 कॉल सेंटर पर रेड और ज़ब्ती
विशेष पुलिस टीम की दबिश में फर्जी कॉल सेंटर से भारी मात्रा में डिजिटल सामग्री बरामद हुई:
- कंप्यूटर व लैपटॉप: 05 कंप्यूटर सिस्टम और 01 लैपटॉप
- मोबाइल फोन: कॉल करने हेतु 05 कीपैड मोबाइल, व्हाट्सएप/टेलीग्राम के लिए 02 स्मार्टफोन और 03 व्यक्तिगत स्मार्टफोन
- बैंकिंग दस्तावेज़: कई पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड (SIM) और ‘FX Trade’ के फर्जी आईडी कार्ड
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी
- सतीश मेवाड़ा (25 वर्ष), पिता- कमल सिंह मेवाड़ा (निवासी: ग्राम भैंसरोद, शाजापुर) — मुख्य आरोपी
- कल्याण मेवाड़ा (21 वर्ष), पिता- स्व. करण मेवाड़ा (निवासी: ग्राम भैंसरोद, शाजापुर)
- शुभम वर्मा (21 वर्ष), पिता- द्वारका प्रसाद वर्मा (निवासी: ग्राम सेमरा दांगी, सीहोर)
प्रारंभिक ठगी: जांच में अब तक ₹20 लाख से अधिक की ठगी प्रमाणित हो चुकी है, जिसके करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका है।

⚠️ सीहोर पुलिस की विशेष एडवाइजरी (Cyber Advisory)
- बैंक खाता किराए पर न दें: किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या नौकरी के लालच में अपनी पासबुक, एटीएम, चेकबुक या सिम न दें। ऐसा करने पर आप भी धोखाधड़ी के सह-आरोपी (Co-accused) माने जाएंगे और जेल हो सकती है।
- फर्जी ऐप से बचें: व्हाट्सएप या टेलीग्राम लिंक से “FX Trade” जैसे असत्यापित ऐप डाउनलोड न करें। हमेशा ऑफिशियल प्ले स्टोर/ऐप स्टोर का उपयोग करें।
- हेल्पलाइन नंबर: किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।




