सीहोर में बड़ा हादसा: रेहटी के भैसान गांव के पास मजदूरों से भरी ओवरलोड पिकअप पलटी; एक महिला की मौके पर मौत, 30 से ज्यादा घायल

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drnewsindia.com

Breaking News Desk (14 July 2026): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के रेहटी तहसील क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर आ रही है। मंगलवार सुबह ग्राम भैसान के पास धान की रोपाई के लिए जा रहे मजदूरों से खचाखच भरी एक मालवाहक पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और नाबालिग शामिल हैं।

हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और मौके पर ही तड़पते हुए लोग इधर-उधर गिर गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है।

📌 हादसे की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 🚜 क्षमता से अधिक लोड: पिकअप वाहन में क्षमता से कई गुना अधिक 40 से ज्यादा मजदूर सवार थे।
  • 📍 घटनास्थल: सीहोर की रेहटी तहसील के अंतर्गत ग्राम भैसान के पास हुआ हादसा।
  • 🌾 काम पर जा रहे थे मजदूर: चकल्दी, लाड़कुई और आसपास के आदिवासी इलाकों से धान रोपाई के लिए जा रहे थे श्रमिक।
  • 🚑 हाई-लेवल रेफरल: गंभीर रूप से घायल कई मजदूरों को प्राथमिक इलाज के बाद उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया गया है।

🚨 बुधनी एसडीओपी का आधिकारिक बयान: मृतका की हुई पहचान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। सीहोर के बुधनी एसडीओपी (SDOP) रवि शर्मा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया:

“थाना रेहटी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भैसान के पास मजदूरों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पलटी है। इस हादसे में मृतका अनीता पति पतिराम (निवासी भिलाई) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। बाकी अन्य सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से इलाज के लिए भेरुंदा अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।”

⚠️ नियमों की धज्जियां: मालवाहक वाहनों में ‘मौत का सफर’

वर्तमान में पूरे सीहोर जिले में धान रोपाई का सीजन चरम पर है, जिसके कारण खेतों में काम करने वाले श्रमिकों की मांग बढ़ गई है।

  • मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन: नियमों के मुताबिक मालवाहक (कमर्शियल गुड्स) वाहनों में इंसानों या सवारियों को बैठाना पूरी तरह गैरकानूनी है।
  • मजबूरी की सवारी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चकल्दी और लाड़कुई जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों से ठेकेदार और वाहन मालिक चंद रुपयों के लालच में पिकअप वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह मजदूरों को ठूंस-ठूंस कर भरते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा हर वक्त बना रहता है।

😡 स्थानीय जनता का फूटा गुस्सा: प्रशासन और पुलिस की लापरवाही पर उठाए सवाल

हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया।

  • कार्रवाई न होने का आरोप: लोगों का सीधा आरोप है कि रेहटी और भेरुंदा क्षेत्र की सड़कों पर हर दिन ऐसे ओवरलोड पिकअप वाहन सरेआम घूमते हैं।
  • सख्ती की मांग: यदि जिम्मेदार परिवहन विभाग (RTO) और स्थानीय पुलिस समय रहते इन वाहनों पर चेकिंग लगाकर सख्त कानूनी कार्रवाई करती, तो आज एक मासूम मजदूर महिला की जान नहीं जाती और न ही दर्जनों बच्चे-महिलाएं अस्पताल के बेड पर होते।

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