drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क | सीहोर: सीहोर के काहिरी डैम के पास स्थित ग्राम लसूडिया खास में नगरपालिका के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से दो दिन के भीतर दो बार क्लोरीन गैस रिसाव (Chlorine Gas Leakage) की गंभीर घटना सामने आई है। गैस के असर से दर्जनों ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई, वहीं आसपास की खड़ी फसलें और पेड़-पौधे तक झुलस गए।
पहली घटना 8 सितंबर और दूसरी घटना 10 सितंबर की रात को हुई। दर्जनों लोग खांसी, चक्कर, उल्टी, एलर्जी और आंखों में तेज जलन की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचे। दो लोग अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही पर नगरपालिका प्रशासन संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए इसे “सामान्य बात” बता रहा है।

☣️ 10 साल से अनुपयोगी पड़े थे 600 लीटर के 3 सिलेंडर
प्लांट में रखरखाव और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी उजागर हुई है:
- 10 साल पुराना स्टॉक: काहिरी प्लांट में 600-600 लीटर क्षमता वाले क्लोरीन गैस के 3 सिलेंडर पिछले 10 सालों से बिना किसी उपयोग के कबाड़ की तरह पड़े हुए थे।
- बिना अलर्ट किया ट्रीटमेंट: ग्रामीणों का आरोप है कि 10 सितंबर को लीकेज सिलेंडर का ट्रीटमेंट करते समय आसपास के लोगों को कोई सूचना नहीं दी गई।
- पानी के गड्ढे में छोड़ा सिलेंडर: नपा कर्मियों ने लीकेज सिलेंडर को खुले पानी के गड्ढे में छोड़ दिया, जिससे रिसाव और तेजी से हवा में फैल गया।
🛑 “अचानक तेज खांसी आई, 6 महीने की बच्ची भी बीमार” — ग्रामीणों का दर्द
गैस रिसाव के कारण लसूडिया खास के कई परिवारों में लोग बीमार पड़े हैं:
- पीड़ित ग्रामीण: रामसभा बाई, अनमोल, प्रेमजी, केसर सिंह, प्रेम सिंह, अभिषेक, रीना, वैष्णवी, राकेश और मयंक सहित कई लोग अभी भी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
- मासूम भी चपेट में: पीड़ित रामसभा बाई ने बताया कि उनकी 6 महीने की पोती, बेटी और बहुएं लगातार खांसी और उल्टी से बेहाल हो गईं, जिन्हें रात में ही अस्पताल ले जाना पड़ा।
🌾 खेतों में खड़ी सोयाबीन, मक्का और तुवर की फसलें तबाह
गैस का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि आसपास के कृषि क्षेत्र पर भी भीषण रूप से पड़ा है:
- फसलें झुलसीं: प्लांट के आसपास कई एकड़ में खड़ी सोयाबीन, मक्का और तुवर की फसलें गैस के जहरीले असर से काली पड़कर झुलस गई हैं।
- मुआवजे की मांग: पीड़ित किसान रमेश और राकेश ने बताया कि उनकी आधी एकड़ से अधिक की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने नगरपालिका से लाखों के नुकसान की भरपाई और मुआवजे की मांग की है।

🚨 उज्जैन से पहुंची टेक्निकल टीम: 3 प्लांटों से हटाए गए 6 सिलेंडर
हादसे के बाद हरकत में आए नगरपालिका प्रशासन ने विशेषज्ञ टीम को बुलाया:
- ग्रासिम केमिकल की टीम: नगरपालिका ने नागदा (उज्जैन) स्थित ग्रासिम केमिकल कंपनी से संपर्क किया।
- 6 सिलेंडर किए गए डिस्पोज: गुरुवार को पहुंची टेक्निकल टीम ने सीहोर के 3 अलग-अलग वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में सालों से पड़े 6 खतरनाक सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से रिकवर कर अपने साथ ले गई।
- CMO का बयान: सीहोर नगरपालिका सीएमओ सुधीर सिंह के अनुसार, सभी सिलेंडरों को तकनीकी टीम की देखरेख में सावधानीपूर्वक हटा दिया गया है।




