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Sehore Crime Desk (07 July 2026): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील से ‘लुटेरी दुल्हन’ का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक घर में शादी की शहनाइयाँ गूंजने के महज तीन दिन बाद ही नई-नवेली दुल्हन घर में रखे सोने-चांदी के सारे जेवर समेटकर अचानक फरार हो गई।
धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित दूल्हे ने अपनी मां के साथ सीहोर जिला मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिया है और फरार दुल्हन व इस शादी को कराने वाले बिचौलिए (दलाल) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
📌 इस सनसनीखेज मामले की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 📍 घटनास्थल: भैरूंदा तहसील (पूर्व नाम नसरुल्लागंज), जिला सीहोर।
- 🕵️ मुख्य विलेन (दलाल): ‘इमरान’ नाम के दलाल ने मोटी रकम और झांसा देकर कराया था यह रिश्ता।
- ⏱️ 3 दिन का खेल: शादी के तीसरे दिन ही मौका पाकर सारे सोने-चांदी के गहने लेकर दुल्हन हुई रफूचक्कर।
- 🏢 शिकायत: सीहोर पहुंचे पीड़ित, हालांकि भैरूंदा एसडीओपी (SDOP) रोशन जैन ने फिलहाल इस तरह के किसी मामले की आधिकारिक जानकारी होने से इनकार किया है।

🤝 इमरान नाम के दलाल ने बुना था जाल; ऐसे तय हुई थी शादी
पीड़ित दूल्हे और उसकी मां ने सीहोर में अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे पिछले काफी समय से बेटे के लिए एक अच्छी लड़की की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क इमरान नाम के एक स्थानीय दलाल से हुआ।
दलाल का झांसा: इमरान ने परिवार को अपने विश्वास में लिया और एक लड़की का बायोडाटा दिखाकर शादी कराने का पूरा जिम्मा लिया। दलाल के माध्यम से ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर चला और रस्मों-रिवाज के साथ शादी संपन्न हो गई। परिवार को भनक तक नहीं थी कि वे एक सोची-समझी साजिश का शिकार होने जा रहे हैं।
💎 खुशियाँ मातम में बदलीं, घर की अलमारी साफ कर गई दुल्हन
शादी के बाद दूल्हे के घर में जश्न और खुशी का माहौल था, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। शादी के ठीक तीसरे दिन जब परिवार के लोग काम में व्यस्त थे, तभी दुल्हन ने मौका पाकर घर के भीतर रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया और चुपके से निकल गई।
काफी देर तक जब वह नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी हर संभावित जगह और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। जब घर की अलमारी चेक की गई तो गहने गायब थे, जिसके बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

👮 मामले में विरोधाभास: पुलिस बोली— ‘शिकायत की जानकारी नहीं’
धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित परिवार सीधे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की शरण में पहुंचा है। हालांकि, इस मामले में एक तकनीकी पेंच भी सामने आ रहा है। मामले को लेकर जब भैरूंदा के एसडीओपी (SDOP) रोशन जैन से बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में भैरूंदा क्षेत्र से ऐसा कोई लिखित मामला या शिकायत नहीं आई है।




