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सीहोर | सीहोर में सूदखोरी का एक बेहद डरावना चेहरा सामने आया है। शुक्रवार को एक बेबस पत्नी अपने पति के लिए न्याय की गुहार लगाने हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय (SP Office) के बाहर धरने पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि सूदखोरों की गुंडागर्दी और धमकियों से तंग आकर उसके पति ने खुदकुशी की कोशिश की है।
🚨 क्या है पूरा मामला?
गंगा आश्रम निवासी ज्योति बैस ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनिता रावत को सौंपे शिकायती पत्र में सूदखोरों की बर्बरता की कहानी बयां की:
- लोन का जाल: उनके पति फाइनेंस कंपनी में एजेंट हैं। जरूरत पड़ने पर उन्होंने फॉरेस्ट कॉलोनी निवासी कुछ लोगों से करीब 10 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे।
- मनमाना ब्याज: आरोपियों ने 10 से 20 प्रतिशत तक का भारी ब्याज वसूलना शुरू कर दिया।
- सब कुछ लुटाया: ब्याज चुकाने के फेर में पीड़िता की कार, नकदी, जेवर और यहाँ तक कि घर भी बिक गया। 4 लाख रुपये से ज्यादा की राशि चुकाने के बाद भी सूदखोर चेक और स्टांप पेपर वापस नहीं कर रहे हैं।
🏥 अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग
ज्योति बैस ने बताया कि सूदखोरों की मारपीट और प्रताड़ना के कारण उनके पति मानसिक तनाव, शुगर और बीपी के शिकार हो गए।
- आत्महत्या का प्रयास: प्रताड़ना से तंग आकर पति ने सुसाइड नोट लिखा और कीटनाशक पी लिया।
- हालत गंभीर: वर्तमान में वे भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
🛡️ पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
पीड़िता का आरोप है कि कोतवाली पुलिस को सबूत सौंपने के बाद भी अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने हाथ में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
- ASP का आश्वासन: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनिता रावत ने पीड़िता से मुलाकात कर मामले की गंभीरता को समझा और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
सीहोर न्यूज़ अलर्ट: सूदखोरी के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अगर आप या आपका कोई परिचित ऐसी समस्या से जूझ रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।




