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सोहागपुर (नर्मदापुरम)। जिले के सोहागपुर में भाजपा कार्यकर्ता और ढाबा संचालक सचिन राजपूत की अंधी हत्या की गुत्थी को नर्मदापुरम पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। सचिन की बेरहमी से की गई हत्या का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसका मुंहबोला जीजा विवेक गुर्जर (30 वर्ष) ही निकला।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चरित्र शंका (शक्की मिजाज) के चलते इस खूनी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया है और उसके पास से कत्ल में इस्तेमाल अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
📍 आधी रात को मोबाइल लोकेशन से नहर किनारे मिला शव
पिपरिया रोड स्थित महुआ गांव के पास ‘राजपूत ढाबा’ चलाने वाले सचिन राजपूत 17 जून की रात को जब देर तक अपने घर नहीं लौटे, तो चिंतित परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सचिन के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो स्टेट हाईवे से करीब 1 किलोमीटर दूर रानी पिपरिया नहर क्षेत्र में मिली। रात करीब 3 बजे जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो नहर की पुलिया के पास सचिन का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। उनके सिर पर नजदीक से गोली मारे जाने का गहरा निशान था।

📹 सीसीटीवी फुटेज से खुला ‘अंधे कत्ल’ का सनसनीखेज राज
शुरुआत में यह मामला पूरी तरह अंधा कत्ल नजर आ रहा था, लेकिन जब पुलिस ने राजपूत ढाबे पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले, तो कत्ल की कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं:
- सीहोर से आया था कातिल: फुटेज में साफ दिखा कि आरोपी विवेक गुर्जर करीब 80 किलोमीटर दूर सीहोर जिले से बाइक चलाकर सचिन के ढाबे पर पहुंचा था।
- सम्मान के बदले मिली मौत: ढाबे पर पहुंचने के बाद सचिन ने सम्मान में अपने मुंहबोले जीजा विवेक के पैर छुए और दोनों ने साथ बैठकर बातचीत की।
- बहला-फुसलाकर ले गया साथ: इसके बाद विवेक ने सचिन को बहलाया और अपनी बाइक पर पीछे बैठाकर सुनसान रानी पिपरिया नहर की पुलिया पर ले गया, जहां उसने पीछे से सिर में गोली मार दी और फरार हो गया।
😡 चरित्र शंका बनी कत्ल की वजह, सोहागपुर में फूटा गुस्सा
पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई वह चौंकाने वाली थी। आरोपी विवेक को अपनी पत्नी और सचिन के बीच बातचीत और संबंधों को लेकर गहरी शंका थी। इसी नफरत और शक के चलते उसने सचिन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची थी।
बाजार बंद और चक्काजाम:
बुधवार सुबह जैसे ही लोकप्रिय भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की खबर फैली, सोहागपुर के स्थानीय नागरिकों और भाजपा समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसपी (SP) साईं कृष्णा थोटा ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

🏆 विधायक ट्रॉफी के कारण युवाओं में लोकप्रिय थे सचिन
मृतक सचिन राजपूत सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बेहद सक्रिय और ऊर्जावान कार्यकर्ता थे। वे स्थानीय विधायक विजयपाल सिंह के सबसे करीबी समर्थकों में गिने जाते थे। सचिन सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते थे और क्षेत्र के युवाओं के लिए हर साल प्रसिद्ध ‘विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता’ का सफल आयोजन कराते थे, जिसके कारण वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे।
📌 सोहागपुर मर्डर केस: एक नजर में (Quick Takeaways)
| मुख्य बिंदु | पुलिस तफ्तीश और विवरण |
| मृतक का नाम | सचिन राजपूत (भाजपा कार्यकर्ता व ढाबा संचालक) |
| मुख्य आरोपी | विवेक गुर्जर (उम्र 30 वर्ष, निवासी- जिला सीहोर) |
| रिश्ता और हत्या का कारण | मुंहबोला जीजा (पत्नी पर चरित्र शंका के चलते की हत्या) |
| वारदात का समय | 17 जून की दरमियानी रात (रानी पिपरिया नहर पुलिया) |
| पुलिस की जब्ती | अवैध पिस्टल, वारदात में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल और कपड़े |
| प्रशासनिक आश्वासन | एसपी साईं कृष्णा थोटा द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने का भरोसा |




