भारत में जल्द आएंगे ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोट! RBI करेगा 200 करोड़ नोटों का ट्रायल, जानिए क्या बदलने वाला है

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में करेंसी के एक नए दौर की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है। केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर (प्लास्टिक) नोटों के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसके तहत RBI करीब 200 करोड़ पॉलिमर नोट छापेगा। यह फैसला संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में साझा किया।

हालांकि, पुराने कागजी नोट बंद नहीं होंगे। शुरुआती चरण में पॉलिमर और कागजी दोनों नोट एक साथ प्रचलन में रहेंगे।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • ₹10 और ₹20 के 200 करोड़ पॉलिमर नोटों का ट्रायल होगा।
  • सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
  • पुराने कागजी नोट फिलहाल बंद नहीं होंगे।
  • पॉलिमर सब्सट्रेट शीट की आपूर्ति के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है।
  • टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त निर्धारित की गई है।

पॉलिमर नोट क्या होते हैं?

पॉलिमर बैंकनोट कागज की जगह विशेष प्रकार के सिंथेटिक प्लास्टिक सब्सट्रेट पर तैयार किए जाते हैं। दुनिया के कई देशों में इनका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।

पॉलिमर नोटों के फायदे

1. ज्यादा टिकाऊ

  • पानी से खराब नहीं होते।
  • जल्दी फटते नहीं।
  • धूल और नमी का असर कम पड़ता है।
  • सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक समय तक चलते हैं।

2. नकली नोटों पर रोक

  • आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
  • नकली नोट बनाना बेहद कठिन हो जाता है।

3. छपाई पर खर्च में कमी

RBI ने वित्त वर्ष 2024-25 में करेंसी छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर नोटों से बार-बार छपाई की जरूरत कम होगी, जिससे लागत में कमी आने की उम्मीद है।

बाजार में कब आएंगे नए नोट?

फिलहाल यह पायलट प्रोजेक्ट है।

RBI ने पॉलिमर सब्सट्रेट की आपूर्ति के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने, सामग्री मिलने और नोटों की छपाई के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से बाजार में जारी किया जाएगा। अभी किसी निश्चित लॉन्च तारीख की घोषणा नहीं की गई है।

क्या पुराने ₹10 और ₹20 के नोट बंद हो जाएंगे?

नहीं।

RBI ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती दौर में:

  • पुराने कागजी नोट भी चलते रहेंगे।
  • नए पॉलिमर नोट भी प्रचलन में आएंगे।
  • दोनों प्रकार के नोट कानूनी मुद्रा (Legal Tender) बने रहेंगे।

भारत में पॉलिमर नोट का विचार कब आया?

  • 2012: पहली बार पॉलिमर नोटों पर विचार हुआ, लेकिन तकनीकी कारणों से योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
  • 2026: RBI ने फिर से प्रस्ताव को आगे बढ़ाया।
  • अब: केंद्र सरकार ने 200 करोड़ नोटों के ट्रायल को मंजूरी दे दी है।

किन देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलिमर नोट?

दुनिया के 60 से अधिक देशों में पॉलिमर बैंकनोट उपयोग किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • ऑस्ट्रेलिया
  • कनाडा
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • न्यूजीलैंड
  • सिंगापुर
  • मलेशिया
  • रोमानिया
  • वियतनाम

भारत में फिलहाल कौन-कौन से नोट वैध हैं?

नोटपहचान
₹10चॉकलेट ब्राउन
₹20हरा-पीला
₹50फ्लोरोसेंट ब्लू
₹100लैवेंडर
₹200ब्राइट येलो
₹500स्टोन ग्रे

नोट: ₹1, ₹2 और ₹5 के कागजी नोटों की छपाई बंद हो चुकी है, लेकिन पुराने नोट यदि प्रचलन में हैं तो वे अब भी वैध हैं।

भारत में नोटबंदी और करेंसी बदलाव का इतिहास

1946

ब्रिटिश शासन के दौरान ₹500, ₹1,000 और ₹10,000 के नोट बंद किए गए थे।

1978

मोरारजी देसाई सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट वापस ले लिए।

8 नवंबर 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹500 और ₹1,000 के पुराने नोटों को अमान्य घोषित किया। बाद में नए ₹500 और ₹2,000 के नोट जारी किए गए।

2023

RBI ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत ₹2,000 के नोटों को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा की। हालांकि, वैध तरीके से बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से उन्हें जमा या बदला जा सकता था।

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