3 सहायक समिति प्रबंधकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी, दो की पहले सेवा समाप्ती

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अशोकनगर / सेवा सहकारी संस्था में नियुक्त बैंक केडर के प्रबंधकों को कार्यभार और रिकॉर्ड नहीं सौंपने के मामले में प्रशासन अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। करीब 6 माह से जारी पत्राचार के बाद भी जिले के किसी भी एसडीएम ने रिकॉर्ड जब्ती की कार्रवाई नहीं की। इसको लेकर भोपाल से आए पत्र के बाद प्रशासन ने रिकॉर्ड नहीं देने वाले तीनों समिति सहायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फरमान जारी कर दिया।
समितियों में करीब एक साल पहले परीक्षा में चयनित प्रबंधकों को भेजा गया। लेकिन नवागत प्रबंधकों को इन समितियों का पहले से प्रभार संभाल रहे सहायक प्रबंधकों ने प्रभार नहीं दिया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. गुना के सीईओ के कई बार पत्राचार करने के बाद भी नवागत समिति प्रबंधकों को रिकॉर्ड नहीं दिया जा सका। काफी मशक्कत के बाद बैंक सीईओ ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए तीनों सहायक प्रबंधकों को रिकॉर्ड जब्ती कराने के लिए प्रशासन के माध्यम से पत्र जारी कराए। उक्त पत्र के आधार पर अशोकनगर के तत्कालीन कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी ने तीनों
सहायक प्रबंधकों के घर, दफ्तर और अन्यत्र स्थान पर रहे समिति के रिकॉर्ड की जब्ती के लिए जिले के चारों एसडीएम को पत्र जारी किए। लेकिन करीब 6 माह बीत जाने के बाद भी किसी भी एसडीएम ने कलेक्टर के इस पत्र पर कार्रवाई नहीं की। मामला मुख्यालय भोपाल तक पहुंच गया और आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मप्र भोपाल से 27 मई को रिकॉर्ड जब्ती करते हुए कानूनी कार्रवाई कराने का फरमान जारी कर दिया गया। उक्त पत्र के बाद जिले के अधिकारी हरकत में आए और कलेक्टर के माध्यम से सभी एसडीएम को फिर से पत्र जारी कर दिया गया।
मप्र सहकारी सोसायटी अधिनियम-1960 की धारा 57ए के प्रावधानों के तहत बी. पैक्स पिपरिया, ओडेर और रामनगर के रिकॉर्ड जब्ती की कार्रवाई 30 दिन के अंदर होना थी। इसको लेकर जनवरी माह में सभी एसडीएम को आदेश जारी हुए। लेकिन 5 माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यालय ने अब तीनों सोसायटियों के रिकॉर्ड जब्ती की कार्यवाही के साथ ही रिकॉर्ड नहीं सौंपने पर तीनों सहायक प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए।

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