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नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 20 जून से जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धरना-प्रदर्शन खत्म करने की आधिकारिक घोषणा की।
36 दिन बाद हटा आंदोलन का मंच
आंदोलन समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से अपने-अपने घरों के लिए रवाना होने लगे। पिछले 36 दिनों से लगा प्रदर्शन मंच हटाया गया और धरनास्थल से लाउडस्पीकर समेत अन्य अस्थायी व्यवस्थाएं भी हटा दी गईं।

छात्रों और एनडीएमसी ने मिलकर की सफाई
धरना खत्म होने के बाद स्थल पर बचे कचरे की सफाई नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) की टीम और आंदोलन में शामिल छात्रों ने मिलकर की। सफाई अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था रही कायम
आंदोलन समाप्त होने तक दिल्ली पुलिस की तैनाती जंतर-मंतर पर बनी रही। पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त होने और भीड़ के सुरक्षित तरीके से लौटने की व्यवस्था संभाली।
आंदोलन की प्रमुख बातें
- 20 जून से जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था आंदोलन।
- NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार प्रमुख मांगें रहीं।
- 36 दिन तक लगातार चला धरना-प्रदर्शन।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने आंदोलन समाप्त किया।
- प्रदर्शन स्थल से मंच और लाउडस्पीकर हटाए गए।
- NDMC और छात्रों ने मिलकर धरनास्थल की सफाई की।

इस तरह 36 दिनों तक चला जंतर-मंतर का आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। अब आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि वे आगे सरकार द्वारा किए जाने वाले फैसलों और शिक्षा सुधारों पर नजर बनाए रखेंगे।




