रेल पर ‘मोंथा’ इफेक्ट: 10 दिन में दूसरी बार भूस्खलन, सुरंग के अंदर गिरे बोल्डर; सुबह बहाल हुआ रूट

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drnewsindia

जगदलपुर/रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे तूफानी चक्रवात ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) का असर अब भी छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में देखने को मिल रहा है। पिछले 10 दिनों में दूसरी बार किरंदुल-कोत्तवालसा रेललाइन पर भूस्खलन हुआ है। इस बार घटना टायडा-चिमिड़ीपल्ली के बीच रेल सुरंग के अंदर हुई, जहां बड़े-बड़े बोल्डर पटरियों पर गिर गए। हालांकि घटना के वक्त कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

रेल प्रशासन ने पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुबह तक बोल्डरों को हटा दिया और ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी। बताया जा रहा है कि चक्रवात मोंथा के असर से क्षेत्र में लगातार भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके चलते पहाड़ों से मिट्टी और पत्थर खिसकने लगे हैं।

वाल्टेयर रेलमंडल ने सुरक्षा कारणों से बुधवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया था, जिससे जनहानि टल गई। इससे पहले भी 10 दिन पहले इसी सेक्शन पर भूस्खलन के कारण पटरियों पर बड़ा बोल्डर गिरा था। लगातार दूसरी घटना ने इस टायडा-चिमिडीपल्ली सेक्शन को “अत्यंत संवेदनशील जोन” बना दिया है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, केके लाइन पर इस साल अब तक तीन बार भूस्खलन हो चुका है। फिर भी प्रभावित सेक्शन में भूस्खलन रोकने के लिए कोई स्थायी उपाय नहीं किया गया है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि तूफान ‘मोंथा’ अभी जगदलपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में है और यह धीरे-धीरे उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजरने की संभावना जताई जा रही है।
गुरुवार को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या छींटे पड़ने का अनुमान है।

वाल्टेयर रेलमंडल ने गुरुवार को भी सावधानी बरतते हुए 8 ट्रेनों को रद्द, 3 को री-शेड्यूल और 5 ट्रेनों को डायवर्ट किया है। इनमें विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर और नाइट एक्सप्रेस प्रमुख हैं। यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और रेलवे की वेबसाइट पर अपडेट चेक करने की अपील की गई है।

मोंथा के प्रभाव से क्षेत्र का तापमान लगातार गिर रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.7 डिग्री कम) और न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में 13 मिमी बारिश हुई, जिससे हवा में नमी का स्तर बढ़कर 89 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मौसम का यह मिजाज अब ठंड की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

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