बहन की विदाई से लौट रहा था मृतक, हाईवे बंद; प्रबंधक सस्पेंड**
Drnewsindia.com/रायसेन। बरेली–पिपरिया स्टेट हाईवे पर नयागांव स्थित पुराने पुल के अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में गिरने से बाइक सवार देवेंद्र सिंह धाकड़ (35) की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे को बंद कर दिया गया है और एमपीआरडीसी के प्रबंधक ए. ए. खान को लापरवाही में निलंबित कर दिया गया है।

घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
हाइलाइट्स
- दो बाइक्स समेत मजदूर मलबे में गिरे, एक की मौत
- मृतक अपनी बहन की विदाई से लौट रहा था
- पुल मरम्मत के दौरान ढहा, छह मजदूरों ने भागकर बचाई जान
- हाईवे बंद, अस्थायी डायवर्जन तैयार
- कांग्रेस ने विधानसभा में उठाया मामला
- जांच समिति गठित, 7 दिन में रिपोर्ट देगी
कैसे हुआ हादसा?
सोमवार सुबह पुल पर सामान्य रूप से ट्रैफिक चल रहा था, तभी अचानक पुल का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया। उसी समय दो बाइकें पुल से गुजर रही थीं, जो सीधे नीचे गिर गईं।
घटना में चार बाइक सवार और एक मजदूर घायल हुआ। सभी को पहले बरेली सिविल अस्पताल और बाद में गंभीर स्थिति के चलते भोपाल एम्स रेफर किया गया।
एम्स में इलाज के दौरान देवेंद्र की मौत हो गई।
मृतक बहन की विदाई कर लौट रहा था
मृतक देवेंद्र की बहन की शादी एक दिन पहले ही ग्राम शिवनी के गार्डन में हुई थी। सोमवार सुबह देवेंद्र बहन की विदाई के बाद अपने गांव धोखेड़ा वापस जा रहा था कि घटना हो गई।
देवेंद्र पहले CRPF में था और वर्तमान में दूसरी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उसकी पत्नी पटवारी है। परिवार खुशी से भरे माहौल में था, जो अचानक मातम में बदल गया।
घायल कौन-कौन?
- जगदीश केवट
- महेश केवट
- देवेंद्र लोधी
- एक मजदूर (नाम उपलब्ध नहीं)
मरम्मत कार्य चल रहा था, लेकिन ट्रैफिक नहीं रोका गया
हादसे के समय पुल के नीचे मरम्मत का काम चल रहा था। उसी दौरान ऊपर ट्रैफिक भी चालू था। पुल ढहते ही नीचे काम कर रहे छह मजदूर भागकर बच गए, लेकिन एक मजदूर घायल हुआ।
कांग्रेस ने उठाया मुद्दा—भ्रष्टाचार का परिणाम बताया
विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने कहा कि:
- मरम्मत के बावजूद पुल पर ट्रैफिक नहीं रोका गया
- कोई डायवर्जन नहीं बनाया गया
- सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण पुल गिरा
विधायक विक्रांत भूरिया ने इसे “सुशासन पर सवाल” बताया।
सरकार का जवाब—कांग्रेस शासनकाल में बना था पुल
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा:
- यह पुल कांग्रेस शासनकाल (1980 का बताया जा रहा) में बना था
- मरम्मत कार्य एमपीआरडीसी कर रही थी
- संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी कर दिया गया है
- रिपोर्ट एमपीआरडीसी एमडी से मांगी गई है
राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का कहना है कि “इंजीनियरों के अनुसार ट्रैफिक रोकने जैसी स्थिति नहीं थी।”
लापरवाही पर कार्रवाई
एमपीआरडीसी के प्रबंधक ए. ए. खान को निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही वर्तमान और पूर्व संभागीय प्रबंधकों व सहायक महाप्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं।
मुख्य अभियंता गोपाल सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति बनी है, जो 7 दिन में रिपोर्ट देगी।
मार्ग बंद, अस्थायी डायवर्जन बनाया गया
हादसे के बाद बरेली–पिपरिया हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
वाहनों को फिलहाल पुरानी पुलिया से निकाला जा रहा है।
साथ ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी डायवर्जन तैयार किया जा रहा है, ताकि जल्द यातायात बहाल हो सके।




