drnewsindia.com
भोपाल। प्रधानमंत्री Narendra Modi की पेट्रोल-डीजल की बचत करने वाली अपील का असर अब मध्यप्रदेश में दिखाई देने लगा है। Madhya Pradesh सरकार ने वीआईपी कल्चर और फिजूल ईंधन खर्च पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ कहा है कि राष्ट्रहित में ईंधन की बचत समय की जरूरत है और इसकी शुरुआत सरकार खुद करेगी।
सरकार ने सादगी का दिया संदेश
राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि निगम-मंडल के नवनियुक्त पदाधिकारी सादगी के साथ पदभार ग्रहण करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईंधन बचत सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी के तहत नेताओं और अधिकारियों को अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने की सलाह दी गई है।
कई विधायक अब भी तामझाम के साथ
हालांकि सरकार के इस फैसले के बीच प्रदेश में वीआईपी कल्चर को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। प्रदेश में कई मंत्री और विधायक आज भी लंबे काफिलों, पायलट गाड़ियों और सुरक्षा घेरे के साथ सड़कों पर निकलते हैं। कई जनप्रतिनिधि पात्रता से अधिक सरकारी सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद कई वाहनों में सायरन और हूटर का इस्तेमाल जारी है। इतना ही नहीं, स्थानीय दौरों के दौरान भी कई नेताओं के साथ भारी सरकारी अमला चलता है, जिससे सरकारी खर्च बढ़ रहा है।
भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सादगी चर्चा में
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Hemant Khandelwal बिना तामझाम और सरकारी सुविधाओं के दौरे करने को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि पार्टी के कई पदाधिकारी और निगम-मंडल अध्यक्ष अब भी हूटर लगे वाहनों और बड़े काफिलों का उपयोग करते दिखाई दे रहे हैं।
शक्ति प्रदर्शन पर कार्रवाई
हाल ही में मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष पद संभालने पहुंचे Saubhagya Singh ने सैकड़ों वाहनों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया था। इसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि अनुशासनहीनता पर कार्रवाई हो सकती है।
पोस्टर और आतिशबाजी पर भी उठे सवाल
हालांकि कई नवनियुक्त अध्यक्षों ने वाहन उपयोग कम किया, लेकिन शहरभर में बड़े-बड़े पोस्टर, होर्डिंग और आतिशबाजी देखने को मिली। इसे लेकर विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने बताया दिखावा
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा नेताओं के लिए ईंधन बचत सिर्फ दिखावा है। पार्टी ने ऊर्जा मंत्री Pradhuman Singh Tomar के ई-बाइक से मंत्रालय पहुंचने को भी “राजनीतिक स्टंट” बताया है।
ई-बाइक से मंत्रालय पहुंचे मंत्री
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-बाइक से मंत्रालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि जरूरत नहीं होने पर वे कार का उपयोग कम करेंगे और वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देंगे।
ई-रिक्शा से पहुंचे नवनियुक्त अध्यक्ष
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सख्त रुख का असर मंगलवार को देखने को मिला। कई नवनियुक्त निगम-मंडल अध्यक्ष ई-रिक्शा से पद ग्रहण करने पहुंचे, जबकि कुछ नेताओं ने बिना शक्ति प्रदर्शन के चुपचाप पदभार संभाल लिया।
क्या बदलेगा वीआईपी कल्चर?
राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि क्या सरकार का यह अभियान वास्तव में वीआईपी कल्चर को कम कर पाएगा या यह केवल कुछ दिनों की सियासी सादगी बनकर रह जाएगा। फिलहाल सरकार इसे ईंधन बचत और जिम्मेदार प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।



