Drnewsindia
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किया गया है।

आज के कार्यक्रम की मुख्य झलकियां (11 जनवरी 2026)
- सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा: पीएम ने करीब 30 मिनट तक मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया।
- शौर्य यात्रा: पीएम ने शंख सर्किल से 1 किमी लंबी शौर्य यात्रा निकाली। इस यात्रा में 108 घोड़ों का काफिला शामिल था। यात्रा के दौरान पीएम ने दोनों हाथों से डमरू बजाकर उत्साह बढ़ाया।
- कलाकारों और पुजारियों से भेंट: मंदिर से बाहर आकर पीएम ने पुजारियों का आशीर्वाद लिया और स्थानीय कलाकारों के बीच पहुंचकर चेंदा (ढोल) भी बजाया।
- वीर हमीरजी गोहिल को नमन: पीएम ने सोमनाथ की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले महान योद्धा वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु
सद्भावना ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा:
- “1000 साल पहले गजनवी को लगा था कि उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया, लेकिन सोमनाथ फिर खड़ा हुआ।”
- “विदेशी आक्रांताओं ने सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत।“
- उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज मंदिर के पुनर्निर्माण के भी 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

सोमनाथ मंदिर से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
| तथ्य | विवरण |
| भौगोलिक विशेषता | मंदिर से दक्षिण ध्रुव (South Pole) तक 6000 किमी तक कोई भी जमीन का टुकड़ा नहीं है। |
| पौराणिक मान्यता | यह चंद्रदेव (सोम) से जुड़ा एकमात्र शिव तीर्थ है, जहां उन्हें क्षय रोग से मुक्ति मिली थी। |
| इतिहास | मंदिर को कई बार तोड़ा गया (खिलजी, गजनवी आदि द्वारा), लेकिन हर बार इसका पुनरुद्धार हुआ। |
| सरदार पटेल का योगदान | आधुनिक मंदिर के निर्माण का संकल्प सरदार वल्लभभाई पटेल ने लिया था |




