यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचे CM डॉ. मोहन यादव: 40 साल बाद ‘कलंक’ मिटाने की तैयारी, कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

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भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल के जेपी नगर स्थित उस यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचे, जिसने 1984 में दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक त्रासदी देखी थी। मुख्यमंत्री ने न केवल फैक्ट्री का निरीक्षण किया, बल्कि इस स्थान को एक ‘मेमोरियल’ (स्मारक) के रूप में विकसित करने के संकेत भी दिए।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु: “पहली बार कोई CM यहाँ आया”

  • मेमोरियल की योजना: सीएम ने कहा कि कोर्ट के मार्गदर्शन में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर यहाँ एक स्मारक बनाया जाएगा।
  • जहरीले कचरे का निपटारा: पिछले साल पीथमपुर भेजे गए 337 टन कचरे का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने इसे हटाने का साहस दिखाया, जबकि कांग्रेस ने इसे 25 साल तक यूं ही छोड़ दिया था।
  • भविष्य का रोडमैप: फैक्ट्री की 85 एकड़ जमीन के उपयोग पर चर्चा हुई। पुलिस विभाग ने यहाँ DRP लाइन के लिए जमीन मांगी है।

सियासी हमला: “एंडरसन को भगाने में कांग्रेस का हाथ”

मुख्यमंत्री ने इस दौरे के दौरान कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए:

“गैस त्रासदी का कलंक कांग्रेस के शासनकाल में लगा। एंडरसन को भगाने में कांग्रेस के लोगों ने मदद की थी। राहुल गांधी को इस ऐतिहासिक पाप के लिए माफी मांगनी चाहिए। दादी (इंदिरा गांधी), पिता (राजीव गांधी) और मनमोहन सिंह की सरकारों ने गैस पीड़ितों को लावारिस छोड़ दिया था।”


गैस पीड़ितों की अनसुनी मांगें

जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री निरीक्षण कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर गैस पीड़ित संगठन अपनी मांगों को लेकर उनसे मिलना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

  • पेंशन और स्वास्थ्य: पीड़ितों की प्रतिनिधि रचना ढिंगरा ने बताया कि कई महिलाओं को 1000 रुपये पेंशन नहीं मिल रही है।
  • समिति की निष्क्रियता: पुनर्वास के लिए बनी राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 साल से नहीं हुई है।
  • प्रदूषित पानी: संगठनों का दावा है कि जमीन के अंदर अब भी हजारों टन कचरा दफन है, जिससे 42 बस्तियों का भूजल जहरीला हो चुका है।

एक नजर: क्या थी भोपाल गैस त्रासदी?

यह दुनिया का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल डिजास्टर (Industrial Disaster) माना जाता है।

विवरणजानकारी
तारीख2-3 दिसंबर 1984 की रात
गैस का नाममिथाइल आइसोसाइनेट (MIC)
मुख्य कारणटैंक नंबर 610 में पानी घुसने से ‘रन अवे रिएक्शन’
प्रभावआधिकारिक तौर पर 3,828 मौतें (दावे 15,000+ के), 5.5 लाख लोग प्रभावित

मुख्यमंत्री का मानवीय पक्ष

निरीक्षण के बाद लौटते समय मुख्यमंत्री ने आरिफ नगर में रुककर स्थानीय स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी ली और वहां स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

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