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धार/भोपाल | 23 जनवरी 2026
ऐतिहासिक भोजशाला में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार (जुमा) एक ही दिन होने के कारण प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद, जिला प्रशासन ने हिंदू समुदाय को पूजा और मुस्लिम समुदाय को नमाज के लिए अलग-अलग समय और स्थान निर्धारित कर दिए हैं।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: परंपरा और सद्भाव का मेल
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दोनों समुदाय अपनी-अपनी परंपराओं का पालन करेंगे:
- हिंदू पक्ष: शुक्रवार सुबह से अपनी परंपरा के अनुसार माँ सरस्वती की पूजा और यज्ञ कर सकेंगे।
- मुस्लिम पक्ष: दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक परिसर के निर्धारित हिस्से में जुमे की नमाज अदा कर सकेंगे।
- निर्देश: कोर्ट ने दोनों पक्षों से आपसी सम्मान बनाए रखने और प्रशासन को सहयोग करने की अपील की है।
🛡️ सुरक्षा का अभेद्य किला: प्रशासन की तैयारी
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसआई (ASI) के नक्शे के आधार पर प्रवेश और निकासी के अलग मार्ग तय किए गए हैं।
| सुरक्षा के आंकड़े | विवरण |
| 8000+ | कुल पुलिस बल की तैनाती |
| 1000 | सीसीटीवी कैमरों से निगरानी |
| 1000+ | महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी |
| 303 | वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक कर्मचारी |
बसंत पंचमी कार्यक्रम की रूपरेखा (शुक्रवार)
- सुबह 07:00 बजे: भोजशाला में यज्ञ और वेदारंभ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत।
- सुबह 10:30 बजे: लालबाग से भव्य शोभायात्रा का प्रस्थान।
- दोपहर 12:15 बजे: धर्मसभा (मुख्य वक्ता: विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार एवं स्वामी स्वदेशानंद गिरी महाराज)।
- दोपहर 01:00 – 03:00 बजे: मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज हेतु आवंटित समय।
- दोपहर 01:15 बजे: माँ सरस्वती की महाआरती।
प्रशासन का पक्ष
“हमने दोनों समुदायों के लिए पृथक-पृथक स्थान तय किए हैं। पूजा निर्विघ्न होगी और नमाज के लिए अलग विकल्प दिए गए हैं। हम इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और भारी बल के माध्यम से शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।”
— प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर, धार




