भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में मध्य प्रदेश से 4–5 नेताओं को मिल सकती है जगह
Drnewsindia/नई दिल्ली/भोपाल।
भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यभार संभालते ही अब पार्टी में नई राष्ट्रीय टीम के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नबीन की टीम में अनुभव और युवाओं का संतुलन देखने को मिलेगा। ऐसे में मध्य प्रदेश के नेताओं की भूमिका एक बार फिर अहम हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के कई नेता सक्रिय हैं। माना जा रहा है कि युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष की तर्ज पर उनकी टीम में भी युवा चेहरे शामिल किए जा सकते हैं, जिससे संगठन में नई ऊर्जा आएगी।

युवाओं को मौका, वरिष्ठ नेताओं की बढ़ी धड़कन
भाजपा संगठन में युवाओं को नई जिम्मेदारियां मिलने की चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन से हटाकर अन्य जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
इसी बीच यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मप्र भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।

केंद्रीय संगठन में पहले से मजबूत रहा है MP का प्रतिनिधित्व
उल्लेखनीय है कि जब भी भाजपा के केंद्रीय संगठन का गठन हुआ है, मध्य प्रदेश को विशेष महत्व मिलता रहा है।
फिलहाल—
- सत्यनारायण जटिया भाजपा संसदीय बोर्ड में सदस्य हैं (अनुसूचित जाति प्रतिनिधि)
- ओमप्रकाश धुर्वे राष्ट्रीय सचिव हैं
- लाल सिंह आर्य अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं
इसके अलावा, जेपी नड्डा की टीम में कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं, हालांकि बाद में उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया।
भाजपा के इतिहास में ऐसा भी समय रहा है जब थावर चंद्र गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर एक साथ राष्ट्रीय महासचिव रहे थे। ऐसे में नितिन नबीन की टीम में भी मप्र का प्रभाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

आधा दर्जन नाम चर्चा में
फिलहाल, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के करीब आधा दर्जन नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं को नितिन नबीन की टीम में जगह मिल सकती है, उनमें—
- अरविंद भदौरिया
- वीडी शर्मा
- सुमेर सिंह सोलंकी
- गजेंद्र पटेल
- कविता पाटिदार
- रजनीश अग्रवाल
- भक्ति शर्मा
के नाम शामिल हैं। इनमें एक-दो महिला नेताओं और युवा चेहरों को भी मौका मिल सकता है।
हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि पूरी टीम में केवल युवाओं को जगह मिलना संभव नहीं है, क्योंकि पहले से ही मध्य प्रदेश के कई चेहरे संगठन में शामिल हैं।

कांग्रेस का हमला, भाजपा का जवाब
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अवसरवादियों की पार्टी है और उसने मेहनती नेताओं के साथ अन्याय किया है।
वहीं, भाजपा का जवाब है कि सरकार और संगठन दोनों में युवाओं को जिम्मेदारी देना पार्टी की नीति है और आने वाले समय में ऊर्जा और अनुभव का संतुलन देखने को मिलेगा।

मप्र में प्रदर्शन बरकरार रखना बड़ी चुनौती
नितिन नबीन के सामने मध्य प्रदेश में 2024 लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन बरकरार रखने की बड़ी चुनौती होगी।
मप्र ऐसा राज्य है, जहां भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटें जीती थीं। अब इन सीटों को बचाए रखना पार्टी के लिए अहम होगा।
2018 विधानसभा चुनाव को छोड़ दें तो नई सदी में भाजपा का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। हालांकि, 2028 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को और मजबूत करने की जरूरत होगी।
भाजपा के लिए प्रयोगशाला रहा है मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश को लंबे समय से भाजपा के लिए राजनीतिक प्रयोगशाला माना जाता रहा है।
- जनसंघ और हिंदू महासभा की मजबूत जड़ें
- कुशाभाऊ ठाकरे, प्यारेलाल खंडेलवाल, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गज नेता
- विदिशा लोकसभा सीट से अटल और सुषमा स्वराज जैसे बड़े चेहरे
इन कारणों से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा संगठन में मप्र के नेताओं का दबदबा रहा है।
4–5 नेताओं को मिल सकती है जगह
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मप्र से चार नेता शामिल थे।
इसी तर्ज पर माना जा रहा है कि नितिन नबीन की टीम में भी मध्य प्रदेश से 4 से 5 नेताओं को जगह मिल सकती है, जिनमें युवा और महिला नेता भी शामिल हो सकते हैं।




