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छतरपुर / राजनीति में कहा जाता है कि कुर्सी का रास्ता कांटों भरा होता है, लेकिन छतरपुर के एक भाजपा नेता के लिए यह रास्ता ‘नाली’ से होकर गुजरा। भाजपा के नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष राम मनोहर तिवारी ने जैसे ही पदभार संभाला, किस्मत उन्हें सीधे ‘विकास’ की गहराई नापने ले गई!
📸 गजब नजारा: फूलों की माला… और फिर कीचड़ का ‘अभिषेक’
यह वाकया छतरपुर के खैरा गांव का है। नजारा किसी फिल्मी सीन जैसा था:
- तैयारी: समर्थकों ने पलक-पावड़े बिछा रखे थे।
- माहौल: ढोल-नगाड़े बज रहे थे, ‘नेताजी जिंदाबाद’ के नारे लग रहे थे।
- ट्विस्ट: नेताजी हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन कर रहे थे कि अचानक पैर फिसला और वे सीधे एक खुली गहरी नाली में ‘धड़ाम’ हो गए।
चश्मदीदों का कहना है: “एक पल को तो नारेबाजी थम गई, समर्थकों के हाथ रुक गए। फिर आनन-फानन में कीचड़ में सने नेताजी को बाहर निकाला गया।”
📱 सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़: “सरकार की गहराई नाप ली”
जैसे ही इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर आया, यूजर्स को चटखारे लेने का मौका मिल गया। लोग जमकर तंज कस रहे हैं:
- “ग्राउंड रियलिटी का असली टेस्ट”: लोगों का कहना है कि पद मिलते ही नेताजी को इलाके की सबसे बड़ी समस्या का ‘साक्षात’ अनुभव हो गया।
- “फाइलें अब हिलेंगी”: चर्चा है कि जब तक कोई बड़ा पदधारी खुद गंदगी में न गिरे, तब तक प्रशासन की नींद नहीं टूटती। अब शायद इस नाली पर ढक्कन लग जाए।
- “शानदार एंट्री”: कुछ यूजर्स लिख रहे हैं कि ऐसी ‘धमाकेदार’ शुरुआत तो किसी ने नहीं सोची थी।
बड़ी बात: बदइंतजामी पड़ी भारी
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन की बदइंतजामी पर एक बड़ा सवाल है। अपनी ही सरकार के दौरान खुली पड़ी नालियां अब खुद सत्ताधारी नेताओं के लिए चुनौती बन रही हैं।
निष्कर्ष: नेताजी आशीर्वाद लेने निकले थे, लेकिन उन्हें मिल गया ‘जमीनी हकीकत’ का सबक!




