MP में गेहूं खरीदी या ‘बड़ा खेल’? कहीं अवैध कटौती, तो कहीं बिना स्लॉट बुकिंग के डंप हो रहा हजारों क्विंटल अनाज

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rnewsindia.com/भोपाल: मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी शुरू होते ही भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के मामले गरमाने लगे हैं। प्रदेश के विभिन्न केंद्रों से अवैध वसूली, स्लॉट बुकिंग में गड़बड़ी और वेयरहाउसों की मनमानी की खबरें सामने आ रही हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत के चलते यूपी का गेहूं मप्र के केंद्रों पर खपाया जा रहा है।

फर्जीवाड़े का गणित: हर ट्रॉली से 25 किलो गेहूं ‘गायब’

भोपाल के आसपास के वेयरहाउसों (निहाल, निषिता, कांति व श्री वेयरहाउस) के जमीनी हालात चौंकाने वाले हैं।

  • अवैध कटौती: धर्मकांटे पर सीधी तुलाई के नाम पर किसानों से प्रति क्विंटल 500 ग्राम कम की रसीद दी जा रही है।
  • बड़ा नुकसान: यदि एक ट्रॉली में 50 क्विंटल गेहूं है, तो किसान को 25 किलो कम की रसीद थमा दी जाती है।
  • अवैध डंपिंग: दिनभर में 50 ट्रॉली डंप होने पर लगभग 12.50 क्विंटल गेहूं सीधे सिस्टम से बाहर कर ‘मुनाफे’ में बदल दिया जाता है।

नियमों की धज्जियां: गायब है जियो टैगिंग और सर्वेयर

शासन के स्पष्ट नियम हैं कि स्लॉट बुकिंग के बिना गेहूं नहीं तौला जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है:

  1. जियो टैगिंग का अभाव: नियमानुसार हर बोरी की जियो टैगिंग होनी चाहिए, लेकिन वेयरहाउसों में गेहूं के विशाल ढेर लगे हैं। ऐसे में यह पहचानना असंभव है कि किस किसान का गेहूं कहां है।
  2. गुणवत्ता पर सवाल: केंद्रों पर सर्वेयर नदारद हैं। बिना गुणवत्ता जांच के ही गेहूं सीधे गोदामों में डंप किया जा रहा है।
  3. सीधी डंपिंग: वेयरहाउस संचालक जल्दी गोडाउन भरने के चक्कर में बिना तुलाई के सीधे अनाज का ढेर लगवा रहे हैं।

📢 क्या कहते हैं जिम्मेदार और आरोप लगाने वाले?

“मप्र में पैसे लेकर खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। वेयरहाउस संचालक सीधे धर्मकांटे से गेहूं डंप करवा रहे हैं। यूपी का गेहूं यहाँ खपाया जा रहा है।”

डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष

“गेहूं इस तरह से डंप नहीं किया जा सकता। हम इसकी चेकिंग करवाएंगे और दोषियों को नोटिस जारी करेंगे।”

राजू कातुलकर, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम


प्रमुख वेयरहाउसों की स्थिति

वेयरहाउसस्थानवर्तमान स्थितिमालिक/प्रबंधक का पक्ष
निषिता वेयरहाउसतामोटगेहूं के बड़े ढेर लगे मिले“नियमानुसार तुलाई हो रही है।”
श्री वेयरहाउसखिल्ली खेड़ाखुले में गेहूं डंप“हाँ, हम ऐसा (सीधा डंप) कर सकते हैं।”
निहाल वेयरहाउसऔबेदुल्लागंजधर्मकांटे से सीधा खाली“सब जगह ऐसा ही हो रहा है।”
कांति वेयरहाउसतामोटखेत में हजारों क्विंटल का ढेर“किसान खुद डाल गए।”

😡 किसानों का फूटा गुस्सा: ‘एक क्विंटल पर एक किलो’ की मांग

किसानों का आरोप है कि उन्हें दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक तरफ खरीदी में देरी हुई, वहीं दूसरी तरफ तुलाई के नाम पर प्रति क्विंटल 1 किलो अतिरिक्त गेहूं मांगा जा रहा है।

  • ताजा मामला: बैरसिया के ग्राम भोजपुरा के किसान लक्ष्मीनारायण गुर्जर ने सिद्धी विनायक वेयरहाउस के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि हर ट्रॉली पर उनसे 25 किलो अतिरिक्त अनाज वसूला जा रहा है।

बड़ा सवाल: जब प्रशासन की निगरानी के लिए समितियां और अधिकारी नियुक्त हैं, तो फिर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा किसकी शह पर चल रहा है? क्या किसानों के हक का पैसा बिचौलियों और वेयरहाउस मालिकों की जेब में जाएगा

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