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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) की हाई-लेवल मीटिंग में सीएम ने दोटूक कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सड़क गुणवत्ताहीन पाई गई, तो सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया जाएगा।
“सरकार की छवि है सड़क”: सीएम की बड़ी बातें
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कई कड़े निर्देश दिए:
- निरीक्षण का तरीका बदला: सीएम ने कहा कि सड़क बनने के बाद नहीं, बल्कि निर्माण के दौरान फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करें।
- ब्लैकलिस्ट की चेतावनी: घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- बिलो रेट (Below Rate) टेंडर: कम दर पर टेंडर लेने वाले ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी। उन्हें हर हाल में गुणवत्ता और समय का पालन करना होगा।

बागबहार–कोतबा सड़क पर बरसे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बागबहार–कोतबा सड़क की जर्जर स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:
“अगर कोई सड़क बनने के 4 साल भी नहीं चल पा रही है, तो ऐसी सड़क का कोई औचित्य नहीं है। इसकी गंभीरता से जांच की जाए कि आखिर कमी कहां रही।”

300 गांवों का कटेगा वनवास: अब खाट पर नहीं ले जाना पड़ेगा मरीज
ग्रामीण अधोसंरचना को लेकर सीएम ने एक मानवीय और संवेदनशील फैसला लिया है:
- संपर्क विहीन गांव: प्रदेश के ऐसे 300 गांव चिन्हित किए गए हैं, जिनका बारिश में शहरों से संपर्क टूट जाता है।
- प्राथमिकता: इन गांवों को सड़कों और पुल-पुलियों से जोड़ने का काम प्राथमिकता पर होगा ताकि मरीजों को खाट पर ढोने जैसी स्थिति न बने।
- प्रमुख मार्ग: लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़ मार्ग के निर्माण में तेजी लाने और वन विभाग से क्लीयरेंस लेने के निर्देश दिए गए हैं।

बस्तर और नेशनल हाईवे की समीक्षा
बैठक में प्रदेश की बड़ी सड़क परियोजनाओं का लेखा-जोखा भी लिया गया:
- NH-43: मनेन्द्रगढ़-सूरजपुर-अंबिकापुर-जशपुर (353 किमी) मार्ग की प्रगति।
- बस्तर: वहां पुल-पुलिया और 17 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण पर विस्तृत चर्चा।
- रायपुर-दुर्ग: राजधानी और आसपास के कनेक्टिंग रूट्स के उन्नयन पर फोकस।
सरकारी भवनों का बदलेगा ‘लुक’
सीएम ने पुराने ढर्रे पर बन रहे सरकारी भवनों के डिजाइन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- अब भवन आधुनिक और वर्टिकल (Vertical) डिजाइन में बनेंगे ताकि कम जमीन का बेहतर उपयोग हो सके।
- राजभवन में बन रहे नए गेस्ट हाउस को आधुनिक और गरिमामय स्वरूप देने के निर्देश।
क्विक अपडेट्स (Quick Table):
| फोकस एरिया | मुख्य निर्देश |
| गुणवत्ता | निर्माण के दौरान ही फील्ड विजिट अनिवार्य। |
| गड्ढे | ऐसा सिस्टम बनाएं जिससे सड़कों के गड्ढों की तुरंत जानकारी मिले और मरम्मत हो। |
| नैरेटिव | बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भव्य तरीके से करें ताकि जनता को काम दिखे। |
| टेक्नोलॉजी | टेंडर और DPR के लिए अलग तकनीकी यूनिट बनाने पर विचार। |




