भोपाल | राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। तेल कंपनियों के पास आगामी कई हफ्तों का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने या पैनिक बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है।
📊 स्टॉक की वर्तमान स्थिति (एक नजर में)
मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार, देश की ईंधन सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है:
रिफाइनरी: 30 दिनों का स्टॉक।
टर्मिनल: 12 दिनों का स्टॉक।
डिपो: 7 दिनों का स्टॉक।
पेट्रोल पंप: 4 दिनों का बैकअप।
ट्रांसपोर्टेशन: पाइपलाइन में 8 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक।
चेतावनी: पेट्रोल को ड्रम या डिब्बों में भरकर घरों में रखना अत्यंत असुरक्षित और जानलेवा हो सकता है। यह एक अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है।
🚛 खपत के आंकड़े: भोपाल और मध्य प्रदेश
क्षेत्र
उत्पाद
दैनिक खपत
भोपाल
पेट्रोल
9 लाख लीटर
भोपाल
डीजल
1.45 करोड़ लीटर
मप्र (सालाना)
डीजल
1643 मीट्रिक टन
मप्र (सालाना)
पेट्रोल
1232 मीट्रिक टन
🔥 एलपीजी (LPG) की स्थिति: 21 दिन का नियम लागू
भोपाल गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के आर.के. गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन ‘कृत्रिम किल्लत’ रोकने के लिए कुछ नियम सख्त किए गए हैं:
सिंगल सिलेंडर उपभोक्ता: अब 21 दिनों के अंतराल पर ही अगली बुकिंग का इनवॉइस जारी होगा।
डबल सिलेंडर उपभोक्ता: 30 दिनों का अंतराल अनिवार्य।
कीमत: भोपाल में घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) की कीमत ₹858.50 पर स्थिर है।
उपभोक्ता: प्रदेश में करीब 6.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन हैं।
🌍 वैश्विक तनाव और भारत की रणनीति
ईरान-मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं:
रूस से राहत: अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है (लगभग 6 करोड़ बैरल)।
ईरान का रुख: ईरान ने संकेत दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों को निशाना नहीं बनाएगा, क्योंकि उसका संघर्ष पश्चिमी देशों से है।