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भोपाल/इंदौर: मध्य प्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत ने ही लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड टूटता नजर आ रहा है, क्योंकि जिस गर्मी की उम्मीद 15 मार्च के बाद होती थी, वह महीने के पहले हफ्ते में ही हावी हो गई है। मालवा-निमाड़ में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है।
🌡️ प्रमुख शहरों का हाल (पिछले 24 घंटे)
रविवार को रंगपंचमी के मौके पर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप रही। रतलाम 39 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा।
| शहर | तापमान (डिग्री सेल्सियस) |
| रतलाम | 39.0° |
| उज्जैन | 36.7° |
| ग्वालियर | 36.5° |
| इंदौर | 35.8° |
| भोपाल | 34.8° |
| जबलपुर | 34.4° |
🔥 क्यों तप रहा है मध्य प्रदेश?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, गर्मी बढ़ने की मुख्य वजह हवाओं की दिशा में बदलाव है।
- हवा का रुख: हवा उत्तर-पूर्व की बजाय अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम से आ रही है।
- रेगिस्तानी असर: राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं अपने साथ तपिश लेकर आ रही हैं।
- वेस्टर्न डिस्टरबेंस: 9 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे मौसम में फिर बदलाव की संभावना है।

🛡️ IMD की गाइडलाइन: दोपहर 12 से 3 बजे तक रहें सावधान
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम केंद्र भोपाल ने आम जनता के लिए विशेष सलाह जारी की है:
- हाइड्रेटेड रहें: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
- सही पहनावा: हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय चेहरा ढकें।
- समय का ध्यान: दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- विशेष देखभाल: बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत का खास ख्याल रखें।

📊 मार्च का ‘ट्रेंड’ और रिकॉर्ड्स
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में पारा 40 डिग्री को पार कर सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मार्च में ‘हीट वेव’ (लू) का अलर्ट नहीं है, लेकिन अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक भीषण लू चलने की आशंका है।
- भोपाल: 30 मार्च 2021 को पारा 41 डिग्री तक जा चुका है।
- इंदौर: 28 मार्च 1892 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड 41.1 डिग्री है।
- उज्जैन: 2017 सबसे गर्म साल रहा है, जहाँ पारा 42.5 डिग्री तक पहुँचा था।





