drnewsindia.com / लखनऊ/अयोध्या | 11 मार्च, 2026
उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने आम जनता के पसीने छुड़ा दिए हैं। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि बुकिंग के 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। आस्था की नगरी अयोध्या से लेकर गोरखपुर और श्रावस्ती तक, गैस एजेंसियों के बाहर युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।

🚩 राम रसोई पर संकट: 8 साल में पहली बार बंद
गैस की किल्लत का सबसे बड़ा और भावुक असर अयोध्या में देखने को मिला। रामलला के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन कराने वाली ‘राम रसोई’ को सिलेंडर न मिलने के कारण बंद करना पड़ा है। पिछले 8 वर्षों में यह पहला मौका है जब राम रसोई में चूल्हे नहीं जले।
💥 जमीन पर बह रहा खून, सड़कों पर मारपीट
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं:
- श्रावस्ती: गैस एजेंसी पर मची भगदड़ और धक्का-मुक्की में एक महिला गिरकर बेहोश हो गई। सिर फटने से खून बहने लगा, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।
- गोरखपुर: लाइन में लगने को लेकर दो युवकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। पुलिस की मौजूदगी में ही मारपीट होती रही, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया।
- सिद्धार्थनगर व आगरा: यहाँ तड़के 3 बजे से ही लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग रहे हैं। आगरा में एक पीड़ित पिता ने रोते हुए कहा— “दो दिन से चक्कर काट रहा हूँ, बच्चे भूखे मर रहे हैं, अब कहाँ जाऊं?”
🚫 कमर्शियल सप्लाई पर अघोषित रोक
तेल कंपनियों ने घटते स्टॉक को देखते हुए होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को दिए जाने वाले कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रशासन का पूरा फोकस घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic Users) पर है, जिसके कारण प्रदेश का खान-पान उद्योग ठप होने की कगार पर है।
⚖️ सीएम योगी के सख्त तेवर: “कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं”
बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है:
- कड़ी निगरानी: सभी जिलों के DM और SP को गैस वितरण पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- अफवाहों पर लगाम: किल्लत को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर FIR के आदेश।
- कालाबाजारी: गैस और तेल की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
🎤 नेहा सिंह राठौर का तंज: “ऑक्सीजन से रसोई गैस तक का सफर”
मशहूर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने इस संकट पर सरकार को घेरा है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा— “जनता वही, सरकार भी वही, बस सिलेंडर बदल गए। ऑक्सीजन सिलेंडर की लाइन से शुरू हुआ सफर अब रसोई गैस की लाइन तक पहुंच गया है।”
📊 यूपी में गैस का गणित
- कुल घरेलू कनेक्शन: 4.26 करोड़
- उज्ज्वला योजना: 1.87 करोड़ लाभार्थी
- प्रतिदिन खपत: 5 से 6 लाख सिलेंडर




