MP में मौसम का डबल अटैक: रतलाम में पारा 40° पार, अब 14-15 मार्च को बारिश और ओले का अलर्ट!

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drnewsindia.com

भोपाल | मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में ही जेठ जैसी तपिश महसूस होने लगी है। बुधवार को सीजन में पहली बार प्रदेश का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू गया। रतलाम प्रदेश में सबसे गर्म रहा, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी सूरज के तेवर तीखे नजर आए। लेकिन इस भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर करवट लेने की चेतावनी दी है।

क्यों बढ़ा अचानक पारा?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवाओं की दिशा बदलने से अब राजस्थान के रेतीले इलाकों से गर्म हवाएं मध्य प्रदेश पहुँच रही हैं। हवा में नमी कम होने के कारण धूप का असर ज्यादा तीखा महसूस हो रहा है।

  • रतलाम: 40.0°C (सीजन का सबसे गर्म)
  • नर्मदापुरम: 39.9°C
  • धार: 39.4°C
  • इंदौर: 38.0°C
  • भोपाल: 36.4°C

सावधान! 14 और 15 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश

वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है:

  • 14 मार्च: ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड में बादल छा सकते हैं।
  • 15 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग समेत करीब 30 जिलों में बारिश, ओले और तेज हवाओं की संभावना है।

सेहत पर भारी ‘मार्च’ का मिजाज: डॉक्टर की सलाह

दिन में भीषण गर्मी और रात-सुबह की हल्की ठंड लोगों को बीमार कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, इस बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

बचाव के टिप्स:

  1. दिन की गर्मी देख कर अचानक ठंडे पेय पदार्थों (Cold drinks) का सेवन न करें।
  2. बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-देर रात की ठंडी हवा से बचाएं।
  3. हल्के लेकिन शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

MP के बड़े शहरों में मार्च का ‘ऐतिहासिक’ ट्रेंड

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में मार्च का महीना हमेशा से ही अनिश्चित रहा है। यहाँ देखें पिछले रिकॉर्ड्स:

शहरअधिकतम रिकॉर्ड (मार्च)न्यूनतम रिकॉर्ड (मार्च)मुख्य ट्रेंड
भोपाल41.0°C (2021)6.1°C (1979)गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड
इंदौर41.1°C (1892)5.0°C (1898)धूल भरी हवाएं और 2-3 दिन बारिश
ग्वालियर41.8°C (2022)5.4°C (1972)गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का मिश्रण
जबलपुर41.2°C (2017)3.3°C (1898)रातें ठंडी रहती हैं, मावठा गिरता है
उज्जैन42.5°C (2010)4.6°C (1971)सबसे गर्म दिन और 6 दिन बारिश का रिकॉर्ड

आगे क्या? अप्रैल-मई में चलेगी ‘हीट वेव’

राहत की बात यह है कि मार्च में अभी ‘लू’ (Heat Wave) चलने का कोई खतरा नहीं है। हालांकि, असली चुनौती अप्रैल और मई में आएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन दो महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग में पारा 45 डिग्री के पार जा सकता है और 15 से 20 दिनों तक भीषण लू चल सकती है।


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