भारत-अमरीका कृषि व्यापार समझौता रद्द करे सरकार: किसान संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान

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नई दिल्ली/मध्य प्रदेश | किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 339वीं मासिक किसान पंचायत में मोदी सरकार की कृषि और विदेश नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस पंचायत में वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की वर्तमान नीतियां देश की संप्रभुता को खतरे में डाल रही हैं और भारत को अमरीका का “आर्थिक गुलाम” बनाने की दिशा में बढ़ रही हैं।

भूमिका: किसानों की आय और संप्रभुता पर संकट

किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा 2016 में किए गए “आय दोगुनी करने” के वादे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज किसानों की आय दोगुनी होने के बजाय आधी रह गई है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि प्रधानमंत्री का मौन देश के लिए घातक साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने रूस और ईरान जैसे अपने पुराने मित्रों से दूरी बना ली है, जिसका आर्थिक खामियाजा देश के किसानों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

मुख्य मुद्दे: व्यापार समझौता और युद्ध की स्थिति

पंचायत में विशेष रूप से भारत-अमरीका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग उठी।

  • एकतरफा समझौता: कॉ. इंद्रजीत सिंह ने खुलासा किया कि इस समझौते के तहत भारत को 18% टैरिफ देना होगा, जबकि अमरीका के लिए यह शून्य (0%) रखा गया है।
  • रूस से तेल पर पाबंदी: अमरीका की यह शर्त कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, सीधे तौर पर देश की विदेश नीति में हस्तक्षेप है।
  • शांति की अपील: “युद्ध नहीं शांति चाहिए” के नारे के साथ पंचायत ने तत्काल युद्ध बंद करने और शांति बहाली का प्रस्ताव पारित किया।

मध्य प्रदेश की जमीनी हकीकत: वादे और विफलताएं

पंचायत में मध्य प्रदेश के किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार की विफलताओं पर भी प्रकाश डाला:

  1. गेहूं और धान का उचित मूल्य: चुनाव के दौरान गेहूं ₹2700 और धान ₹3100 प्रति क्विंटल खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन वर्तमान में सरकार केवल ₹40 का मामूली बोनस देकर किसानों को गुमराह कर रही है।
  2. पंजीयन की समस्या: सर्वर डाउन होने के कारण अभी तक केवल 25% किसानों का ही गेहूं खरीद के लिए पंजीयन हो पाया है।
  3. मनरेगा और बुनियादी ढांचा: मनरेगा के नए नियमों और बिजली संशोधन बिल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाई जा रही है।

अगला कदम: 2 अप्रैल को छिंदवाड़ा में हुंकार

समिति ने घोषणा की है कि 2 अप्रैल 2026 को छिंदवाड़ा में एक विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इस पंचायत का मुख्य उद्देश्य एम.एस.पी. (MSP) की कानूनी गारंटी, पूर्ण कर्जा मुक्ति, और कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने जैसी मांगों को मजबूती से उठाना होगा।

उपस्थित प्रमुख नेतृत्व: इस पंचायत में डॉ. सुनीलम के साथ हरियाणा से इंद्रजीत सिंह, बिहार से पुरुषोत्तम शर्मा, उत्तर प्रदेश से शशिकांत, और मध्य प्रदेश से एड. आराधना भार्गव, एड. शिवसिंह सहित देशभर के दिग्गज किसान नेता शामिल हुए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ‘बहुजन संवाद’ प्लेटफॉर्म पर किया गया।

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