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भोपाल | 16 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित ‘कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला’ को संबोधित करते हुए वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि विकास और किसान कल्याण योजनाओं को सीधे धरातल पर उतारना है, जिससे किसानों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि हो सके।
प्रमुख घोषणाएं और महत्वपूर्ण उपलब्धियां:
1. बिजली कनेक्शन में देश का इकलौता राज्य: मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जो किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति/जनजाति के 5 HP तक के पंपों के लिए नि:शुल्क बिजली का प्रावधान है।
2. दुग्ध उत्पादन में ‘श्वेत क्रांति’ का लक्ष्य:
- प्रदेश में दूध उत्पादन के लक्ष्य को 9% से बढ़ाकर 20% करने की योजना है।
- पिछले 1.5 साल में दूध कलेक्शन में 25% की वृद्धि हुई है (अब 12.50 लाख लीटर प्रतिदिन)।
- दूध के मूल्य में 5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिसका सीधा लाभ पशुपालकों को मिल रहा है।
- बच्चों के लिए ‘माता यशोदा योजना’ के तहत नि:शुल्क दूध वितरण शुरू किया जाएगा।
3. सिंचाई और कृषि अधोसंरचना:
- प्रदेश में सिंचाई का रकबा 54 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
- हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलेंगी, जहाँ से छोटे किसान किराये पर मशीनें ले सकेंगे।
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृषि सम्मेलनों के लिए 5 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
4. औद्योगिक निवेश और एक्सपोर्ट:
- एग्री एक्सपोर्ट: वर्तमान में 18 हजार करोड़ के कृषि निर्यात को 2028 तक 30 हजार करोड़ करने का लक्ष्य है।
- टैक्सटाइल पार्क: धार में देश के पहले ‘PM मित्र पार्क’ से 5 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा।
- फूड प्रोसेसिंग: प्रदेश में 4000 से अधिक फूड प्रोसेसिंग प्लांट कार्यरत हैं और 20 हजार करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

कृषि क्षेत्र की नई नीतियां और तकनीक:
- एग्रीस्टैक (AgriStack): मध्यप्रदेश किसानों का डिजिटल डेटा रखने में देश में प्रथम है।
- मछली पालन: ‘मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना’ के लिए 100 करोड़ का प्रावधान और नई केज कल्चर नीति लागू।
- उद्यानिकी: मखाना खेती को प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा और उद्यानिकी क्षेत्रफल को दोगुना करने का लक्ष्य है।
- बोनस: ग्रीष्मकालीन उड़द की फसल पर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन और होम स्टे:
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए ‘होम स्टे’ योजना शुरू की गई है, जिसमें संचालकों की 20 लाख तक की आय GST मुक्त रखी गई है।




