drnewsindia.com/नई दिल्ली | बुधवार, मार्च 25, 2026 नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भक्तिभाव के साथ माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप, माँ कालरात्रि का वंदन किया। प्रधानमंत्री ने देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए संस्कृत के विशेष श्लोक के माध्यम से देवी की महिमा का गुणगान किया।
साहस और संकल्प की अधिष्ठात्री: माँ कालरात्रि
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी पोस्ट में साझा किया कि माँ कालरात्रि की पूजा न केवल भक्तों में आत्मविश्वास का संचार करती है, बल्कि उन्हें एक नई ऊर्जा से भी भर देती है।
“माँ कालरात्रि को नमन! उनके आशीष से सबका जीवन साहस, संकल्प और सफलता से समृद्ध हो, यही कामना है।” — नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री
साझा किया गया संस्कृत सुभाषितम्
प्रधानमंत्री ने देवी के रौद्र और कल्याणकारी स्वरूप का वर्णन करते हुए यह श्लोक साझा किया:
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
अर्थ: बाएं पैर में चमकते हुए लोहे के कांटों के आभूषण धारण करने वाली, मस्तक पर उन्नत ध्वजा वाली, कृष्ण वर्ण की भयानक रूप वाली माँ कालरात्रि का हम वंदन करते हैं।
‘अभय’ और ‘शक्ति’ का प्रतीक है आज का दिन
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से तीन शब्दों पर जोर दिया, जो माँ कालरात्रि के आशीर्वाद का फल हैं:
- साहस: कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति।
- संकल्प: अपने लक्ष्यों के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा।
- सफलता: माँ की कृपा से जीवन में आने वाली समृद्धि।
डिजिटल स्तुति भी की साझा
केवल शब्दों तक ही सीमित न रहते हुए, प्रधानमंत्री ने देवी की स्तुति का एक विशेष पाठ (Audio/Video Link) भी साझा किया, ताकि श्रद्धालु घर बैठे माँ की आराधना कर सकें। नवरात्रि के इस सातवें दिन प्रधानमंत्री का यह संदेश आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ राष्ट्र के कल्याण की भावना को भी दर्शाता है।




