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नेवज नदी पर वर्ष 2016 में हाईवे के दोहरीकरण के दौरान एक नया पुल बनाया गया था, जिसके बाद से जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे का पूरा यातायात इसी नए पुल से गुजर रहा है। लेकिन नए पुल के निर्माण के बाद पुराने बड़े पुल की हालत पूरी तरह नजरअंदाज कर दी गई है, जो अब खतरे का कारण बनता जा रहा है।
रेलिंग टूटी, सुरक्षा नदारद
पुराने पुल की एक ओर की रेलिंग पूरी तरह टूट चुकी है या चोरी कर ली गई है। ऐसी स्थिति में इस पुल से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहनों के सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है। खासकर रात के समय या तेज रफ्तार में यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।
जिम्मेदारी तय नहीं, लापरवाही जारी
जानकारी के अनुसार, यह पुराना पुल पहले एनएचएआई के अधीन था, जबकि वर्तमान में नया पुल एमपीआरडीसी के नियंत्रण में है। जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण दोनों ही विभाग इसके रख-रखाव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग
यह पुल मदापुरा, कालीतलाई सहित आसपास के कई गांवों को मुख्यालय के किशनगढ़ क्षेत्र से सीधे जोड़ता है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में मोटरसाइकिल और अन्य छोटे वाहन इस पुल से गुजरते हैं।
बढ़ा दुर्घटना का खतरा
रेलिंग के टूटने से विशेष रूप से बाइक चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। जरा सी लापरवाही या असंतुलन गंभीर हादसे में बदल सकता है।
प्रशासन से की जा रही मरम्मत की मांग
स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पुल की जल्द मरम्मत करवाई जाए और सुरक्षा व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही स्थिति को संभाला जा सके।
👉 यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह पुल कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।




