drnewsindia.com
सीहोर | 31 मार्च, 2026 जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती सर्जना यादव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जिले में चल रही ‘वृंदावन ग्राम योजना’ और ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
📌 समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
सीईओ ने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए आगामी योजनाओं के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
- विज़न डॉक्यूमेंट (Vision Document): बैठक में आए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को जिले के ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों को एक नया और प्रभावी स्वरूप मिल सके।
- समय-सीमा और गुणवत्ता: निर्माणाधीन सभी कार्यों को निर्धारित समय के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
- विभागीय समन्वय: ग्रामीण विकास के लिए अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया गया।
- नियमित मॉनिटरिंग: कार्यों की प्रगति पर कड़ी नज़र रखने के लिए अधिकारियों को फील्ड विजिट और नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए।
💧 जल गंगा संवर्धन अभियान: जन-भागीदारी पर जोर
जल संरक्षण को लेकर श्रीमती सर्जना यादव ने विशेष निर्देश दिए:
- नागरिकों का जुड़ाव: जल संरक्षण की गतिविधियों से अधिक से अधिक ग्रामीणों और शहरवासियों को जोड़ा जाए।
- भू-जल रिचार्ज: अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के कार्यों में तेज़ी लाई जाए।
🏢 वृंदावन ग्राम योजना: समग्र विकास का लक्ष्य
इस योजना के तहत चयनित गांवों को आदर्श ग्राम बनाने के लिए चल रहे कार्यों का गहन मूल्यांकन किया गया। सीईओ ने कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना और वहां के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
सीईओ का संदेश: “योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें।”




