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सीहोर | 31 मार्च, 2026 जिले के ग्राम सेवनिया में एक ज़मीन विवाद ने अब बड़े प्रशासनिक और पुलिसिया भ्रष्टाचार के आरोपों का रूप ले लिया है। पीड़ित किसान और ग्रामीणों का आरोप है कि मंडी थाना टीआई और हल्का पटवारी ने मिलीभगत कर भू-माफियाओं को लाभ पहुँचाने के लिए ज़ोर-जबरदस्ती का सहारा लिया है। इस मामले में भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने जनसुनवाई और एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई।
🔴 क्या है पूरा मामला? (The Timeline)
पीड़ित किसान पप्पू कौशल ने ज्ञापन में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
- सौदा: वर्ष 2012 में गांव के ही हनुमंत सिंह से 11 लाख 75 हजार रुपये में जमीन का सौदा हुआ था।
- धोखाधड़ी: किसान का आरोप है कि पूरी रकम चुकाने के बाद भी आरोपी वर्षों तक रजिस्ट्री टालता रहा।
- पुलिसिया कार्रवाई: आरोप है कि 16 मार्च को मंडी थाना टीआई और पटवारी बिना किसी अदालती आदेश के पुलिस बल के साथ खेत पर पहुँचे और जबरन तारबंदी शुरू कर दी।
⚠️ गंभीर आरोप: मारपीट और साक्ष्य मिटाना
ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
- वीडियो डिलीट किया: घटना का वीडियो बना रहे बटाईदार हरिओम का मोबाइल छीनकर पुलिस ने साक्ष्य (Video) डिलीट कर दिए।
- हिरासत और मारपीट: हरिओम और उसके पिता दिलीप को थाने ले जाकर मारपीट करने और घंटों अवैध हिरासत में रखने का आरोप है।
- अभद्र व्यवहार: विरोध करने पर किसान परिवार के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
प्रशासनिक हलचल: अधिकारियों को हटाने की मांग
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम तन्मय वर्मा और एएसपी सुनीता रावत को ज्ञापन सौंपा गया है। किसानों की मुख्य मांगें निम्न हैं:
- दोषी टीआई और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।
- पीड़ित किसान पप्पू कौशल को उसकी खरीदी गई भूमि पर कब्जा और रजिस्ट्री दिलाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मुख्य चेहरे
इस प्रदर्शन में भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत के साथ पप्पू कौशल, दिलीप सिंह, लखन सिंह मेवाड़ा, बहादुर सिंह, विक्रम राठौर, राय करण, राजाराम, संतोष, प्रहलाद, दुर्गा प्रसाद, बबलू मेवाड़ा, मोर सिंह, देव सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।




