drnewsindia.com
उज्जैन। वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर आज तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमवार तड़के आयोजित भस्म आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के अलौकिक दर्शन किए। अलसुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा परिसर शिवमय हो गया।
✨ पंचामृत अभिषेक और भांग से दिव्य श्रृंगार
भस्म आरती से पहले परंपरा के अनुसार वीरभद्र जी से आज्ञा ली गई। इसके बाद गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन हुआ।
- अभिषेक: बाबा महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से जलाभिषेक किया गया।
- श्रृंगार: पुजारियों ने भगवान महाकाल का भांग, त्रिपुंड, चंद्रमा और बेलपत्र से मनमोहक श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद बाबा को नवीन मुकुट धारण कराया गया।
- भस्म अर्पण: महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई, जिसके बाद ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ दिव्य आरती संपन्न हुई।
⏰ महाकाल मंदिर: नई आरती समय-सारणी (Update)
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने आरतियों के समय में बदलाव किया है। यह नया समय शरद पूर्णिमा (आश्विन मास की पूर्णिमा) तक प्रभावी रहेगा:
| आरती का नाम | समय (प्रात:/सायं) |
| भस्म आरती | सुबह 04:00 से 06:00 बजे तक |
| दद्योदक आरती | सुबह 07:00 से 07:45 बजे तक |
| भोग आरती | सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक |
| संध्या पूजन | शाम 05:00 से 05:45 बजे तक |
| संध्या आरती | शाम 07:00 से 07:45 बजे तक |
| शयन आरती | रात 10:30 से 11:00 बजे तक |
🙏 धार्मिक मान्यता
मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। आज के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।




