MP बनेगा ‘सुरक्षा का अभेद्य किला’: भोपाल के तूमड़ा में खुलेगा अत्याधुनिक कमांडो ट्रेनिंग सेंटर, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

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भोपाल | राजधानी के लाल परेड मैदान पर सोमवार को शौर्य और पराक्रम का ऐसा मंजर दिखा कि देखने वालों की सांसें थम गईं। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के ‘ब्लैक कैट कमांडोज’ ने जब मॉक ड्रिल के जरिए आतंकवादियों के छक्के छुड़ाए, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गदगद होकर प्रदेश की सुरक्षा के लिए बड़े निवेश की घोषणा कर दी।

“छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं”: CM का कड़ा संदेश

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा कि भारत अब वह देश नहीं रहा जो चुप बैठ जाए। उन्होंने कहा:

“हमारी संस्कृति ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ सिखाती है, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।”


बड़ी घोषणाएं: 200 करोड़ का बजट और नया सेंटर

प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक घातक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:

  1. अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर: भोपाल की हुजूर तहसील के ग्राम तूमड़ा में एक वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा। यहाँ सुरक्षा बलों को आकस्मिक आपदा और आतंकी हमलों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।
  2. CTG का आधुनिकीकरण: काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (CTG) को आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस करने के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर (DPR) तैयार की गई है।

NSG शो: जब आसमान से बरसे जांबाज

लाल परेड मैदान पर आयोजित इस शो में कमांडोज ने रोंगटे खड़े कर देने वाले करतब दिखाए।

  • मॉक ड्रिल: आतंकवादियों के हमले का रियलिस्टिक सीन क्रिएट किया गया और बताया गया कि कैसे NSG उन्हें ‘न्यूट्रलाइज’ करती है।
  • हवाई करतब: हवा में उड़ते हुए जांबाजों ने अपनी तकनीकी दक्षता और अनुशासन का परिचय दिया।
  • साझा प्रशिक्षण: एमपी पुलिस के जवान अब 7 अप्रैल से 4 मई तक NSG के एक्सपर्ट्स से ‘काउंटर अटैक’ के गुर सीखेंगे।

“एमपी अब नक्सल मुक्त”

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ घोषणा की कि सशस्त्र बलों के बलिदान और मेहनत की बदौलत मध्य प्रदेश अब पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि एटीएस (ATS) आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है।

खास बातें: जो आपको जाननी चाहिए

  • NSG का स्लोगन: ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’।
  • प्रशिक्षण की अवधि: 1 महीने का साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम (7 अप्रैल से 4 मई 2026)।
  • कुल प्रतिभागी: 1164 एमपी पुलिस के जवानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य।
  • विषय: काउंटर अटैक सहित 8 प्रमुख विषयों पर दी जाएगी ट्रेनिंग।

समारोह में मौजूदगी: कार्यक्रम में डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा, एनएसजी महानिदेशक श्री बी. श्रीनिवासन और एडीजी श्री चंचल शेखर सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।


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