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भोपाल/ मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर दी है। मुख्यमंत्री ने परिणामों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 16 वर्षों में सबसे सर्वश्रेष्ठ रहा है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों और प्रदेश की बेटियों ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्य आंकड़े: एक नज़र में
मुख्यमंत्री द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- कक्षा 12वीं का रिजल्ट: 76.01%
- कक्षा 10वीं का रिजल्ट: 73.42%
- रिकॉर्ड सफलता: पिछले 16 वर्षों की तुलना में इस बार का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अधिक दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री का संदेश: “असफल छात्र निराश न हों”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन छात्रों का उत्साहवर्धन किया जो अपनी अपेक्षा के अनुरूप अंक प्राप्त नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा:
“नई शिक्षा नीति के तहत अब विद्यार्थियों का साल बर्बाद नहीं होगा। जो बच्चे सफल नहीं हो पाए या जो अपने अंकों में सुधार (Improvement) चाहते हैं, उन्हें मई माह में दोबारा मौका दिया जाएगा।”
द्वितीय अवसर परीक्षा (7 मई से)
नई शिक्षा नीति की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 7 मई 2026 से ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ आयोजित की जाएगी। इसके लिए छात्र 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। यह कदम छात्रों को तनाव मुक्त रखने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए उठाया गया है।
सफलता का श्रेय
सीएम ने इस शानदार परिणाम का श्रेय स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षकों और विशेष रूप से ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों को दिया। जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के हर कोने में शिक्षा का स्तर सुधर रहा है।




