drnewsindia.com /भोपाल। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने मुख्यमंत्री निवास घेराव का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पांच बार वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस की ओर जूता फेंकने की घटना भी सामने आई।

प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, कमलेश्वर पटेल, सुखदेव पांसे और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं NSUI कार्यकर्ता शामिल हुए।
रेडक्रॉस चौराहे पर रोका गया मार्च
NSUI कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लगातार पांच बार वॉटर कैनन चलाए, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।

दिग्विजय सिंह ने मांगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को बचाने कार्यकर्ताओं ने बनाया घेरा
वॉटर कैनन की तेज बौछारों के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को बचाने के लिए कार्यकर्ताओं ने उनके चारों ओर मानव श्रृंखला बना ली। पुलिस कार्रवाई के बीच भी कार्यकर्ता नेताओं के साथ डटे रहे। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही।
मंच पर अव्यवस्था, दिग्विजय ने पहले किया इनकार
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को मंच से नीचे उतरने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी संयम बरतने की अपील की। बढ़ती भीड़ को देखकर दिग्विजय सिंह ने शुरुआत में मंच पर जाने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर मंच तक पहुंचे और सभा को संबोधित किया।
200 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में
पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित करीब 200 कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को तीन अलग-अलग बसों में बैठाकर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया। फिलहाल पुलिस ने उनके गंतव्य की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
वॉटर कैनन से घायल हुआ कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन की तेज धार लगने से NSUI कार्यकर्ता रवि परमार घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए सिद्धांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जूता फेंकने की घटना पर पुलिस नाराज
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिसकर्मियों की ओर जूता फेंके जाने की घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। अधिकारियों ने माइक से चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी पर महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं और इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सड़क पर धरने पर बैठे जीतू पटवारी
पुलिस कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समर्थकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस और NSUI नेताओं ने मांग की है कि NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई।
फिलहाल भोपाल में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन कांग्रेस और NSUI ने संकेत दिए हैं कि यदि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




