इंदौर किडनैपिंग मिस्ट्री: 7 घंटे में पुलिस का एक्शन; बेरोजगारी और लालच ने पड़ोसियों को बनाया अपराधी

0
3

drnewsindai.com

इंदौर (लालाराम नगर): शहर के लालाराम नगर में गुरुवार शाम दो मासूम बच्चों के अपहरण से सनसनी फैल गई। हालांकि, इंदौर पुलिस की मुस्तैदी और एक बच्चे की सतर्कता से महज 7 घंटे के भीतर न केवल बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, बल्कि मास्टरमाइंड भाई-बहन समेत चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

बेरोजगारी और कर्ज बना जुर्म की वजह

पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। साजिश का मास्टरमाइंड विनीत (22) और उसकी बहन राधिका (19) हैं। विनीत की कंपनी फर्जी निकलने के बाद वह 6 महीने से बेरोजगार था और उस पर मकान का किराया भी बकाया था। वहीं उनका साथी ललित (ड्राइवर) भी खाली बैठा था। जल्दी पैसा कमाने की चाह में इन्होंने पहले ज्वेलरी शॉप लूटने की योजना बनाई, लेकिन नाकाम रहने पर बच्चों के अपहरण का रास्ता चुना।

गलत बच्चों का हुआ चुनाव: मजदूर के बेटों से मांग रहे थे फिरौती

आरोपियों ने गार्डन में रेकी तो की थी, लेकिन वे परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाने में चूक गए।

  • टारगेट: राधिका ने तनीषा को अमीर घर के बच्चे उठाने को कहा था।
  • हकीकत: आरोपियों ने जिन बच्चों (नैतिक और सम्राट) को उठाया, उनके पिता जूस का ठेला लगाते हैं और ढोलक बजाते हैं।
  • पहचान: आरोपी तनीषा बच्चों को पक्षी और जानवर दिखाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी।

ध्रुव की सतर्कता और सीसीटीवी ने खोला राज

इस पूरे मामले का खुलासा नैतिक के चचेरे भाई ध्रुव की वजह से हुआ। ध्रुव ने ही सबसे पहले परिवार को बताया कि नैतिक बगीचे में नहीं है। इसके बाद पड़ोस में लगे CCTV कैमरों की जांच की गई, जिसमें एक युवती (तनीषा) बच्चों को ले जाते हुए साफ नजर आई।

बच्चों को डराया, ‘गुंडे’ बताकर चादर में छिपाया

अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्चों को एक कमरे में रखा। नैतिक ने बताया कि उन्हें वहां सेवइयां खिलाई गईं और गेम खेलने के लिए मोबाइल दिया गया। लेकिन जब पुलिस पहुंची, तो आरोपियों ने बच्चों को डराते हुए कहा, “बाहर गुंडे आ गए हैं, चादर ओढ़कर छिप जाओ और बोलना मत।” बच्चे डर के मारे गैलरी में छिप गए थे।

पुलिस कमिश्नर का सख्त निर्देश: ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ तक की थी तैयारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह रात भर ऑफिस में डटे रहे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि आरोपी फिरौती लेने आते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, तो शॉर्ट एनकाउंटर से भी पीछे न हटें। सादे कपड़ों में तैनात पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन और एक फ्लैट में हो रही संदिग्ध हलचल (लाइट का जलना-बुझना) के आधार पर दबिश देकर चारों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. विनीत प्रजापति (मास्टरमाइंड)
  2. राधिका प्रजापति (बहन)
  3. ललित सेन
  4. तनीषा (ललित की पत्नी)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here