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बुधनी (सीहोर)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी में मंगलवार को किसानों के हक की आवाज बुलंद करने के लिए विशाल ‘किसान सत्याग्रह’ का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर के सैकड़ों किसानों के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कांग्रेस ने इस सत्याग्रह के जरिए प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए जमकर घेराबंदी की।
“खाद के लिए लाठियां और कतारें, अब खरीदी पर संकट”
सत्याग्रह के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे मध्य प्रदेश में किसान खाद और बीज की किल्लत से जूझ रहे हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि जब किसानों को यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्हें अपमानित होना पड़ा, लंबी कतारों में लगना पड़ा और यहाँ तक कि पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ीं। उन्होंने पोर्टल की तकनीकी खामियों को किसानों को परेशान करने का जरिया बताया।

शादियों का सीजन, पर किसानों की जेब खाली
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव गुजराती ने किसानों की जमीनी समस्याओं को उठाते हुए कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण किसान आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
- भुगतान में देरी: वर्तमान में शादियों का सीजन है, किसानों के घरों में मांगलिक कार्य और बेटियों के विवाह हैं, लेकिन खरीदी और भुगतान में देरी के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
- साजिश का आरोप: कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंडियों में बारदाने की कमी और पोर्टल में बार-बार आने वाली खराबी असल में किसानों को कम दामों पर अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर करने की एक बड़ी साजिश है।
दिग्गज नेताओं ने दी हुंकार
इस सत्याग्रह में प्रदेश के कई बड़े नेताओं ने शामिल होकर किसानों की मांगों का समर्थन किया:
- सज्जन सिंह वर्मा (पूर्व मंत्री)
- राजकुमार पटेल (पूर्व मंत्री)
- धर्मेंद्र सिंह चौहान (प्रदेश अध्यक्ष, किसान कांग्रेस)
- महेश राजपूत (पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी)
- जगदीश चौहान (जिला अध्यक्ष, किसान कांग्रेस)
मुख्य मांगें:
- गेहूं खरीदी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और भुगतान तुरंत सुनिश्चित हो।
- पोर्टल की तकनीकी खराबी को दूर कर पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
- मंडियों में पर्याप्त बारदाने और सुविधाओं की व्यवस्था हो।
- किसानों को खाद-बीज के लिए भटकने से मुक्ति मिले।




