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भोपाल/इंदौर/ग्वालियर: मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), चक्रवाती घेरे और ट्रफ लाइन के एक्टिव होने से पिछले 7 दिनों से प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को भी ग्वालियर समेत 11 जिलों में मौसम बिगड़ने का अलर्ट जारी किया है।
इन 11 जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है:
- ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज।
44 जिलों में भीषण गर्मी का टॉर्चर
एक तरफ जहां कुछ जिलों में बारिश हो रही है, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 44 जिलों में सूरज के तेवर तीखे रहेंगे।
- तापमान: कई शहरों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं।
- सबसे गर्म इलाके: निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा।

अगले 4 दिन: कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले 4 दिन प्रदेश में उथल-पुथल बनी रहेगी:
- अगले 2 दिन: कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।
- 9 और 10 मई: पूरे प्रदेश में लू और तेज गर्मी का प्रभाव बढ़ेगा।
- 10 मई से नया सिस्टम: 10 मई से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों बाद दिखाई देगा।

क्यों बदला है मौसम?
वर्तमान में प्रदेश के बीचों-बीच एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है, जबकि दूसरा सिस्टम ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। साथ ही एक ट्रफ लाइन भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इन तीन सिस्टम्स के मिलन की वजह से मई के महीने में भी बारिश और ओलावृष्टि जैसे हालात बन रहे हैं।
MP के बड़े शहरों का ‘मई रिकॉर्ड’
- भोपाल: 2016 में यहां पारा 46.7°C तक जा चुका है, लेकिन पिछले 10 सालों से हर साल मई में बारिश भी हुई है।
- इंदौर: पिछले साल (2023) मई के महीने में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
- ग्वालियर: यहां गर्मी का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा है। 1947 में पारा 48.3°C तक पहुंच गया था।
- जबलपुर और उज्जैन: इन शहरों में भी 45-46 डिग्री की गर्मी के साथ-साथ हर साल बारिश का ट्रेंड रहा है।
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