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सीहोर | भीषण गर्मी के बीच जिले में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने पीएचई (PHE) और जल निगम के अधिकारियों की क्लास ली। समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की वजह से अगर पाइपलाइन फूटती है, तो उसे तत्काल सुधारा जाए और शिकायतों का निपटारा तुरंत हो।
⚠️ देरी पर सख्त रुख: 30 मई की डेडलाइन
कलेक्टर ने पेयजल परियोजनाओं में हो रहे विलंब पर घोर नाराजगी जताई।
- लक्ष्य: जिले की 332 में से 317 नल-जल योजनाओं का काम पूरा हो चुका है। शेष 15 योजनाओं को हर हाल में 30 मई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- वन विभाग का पेच: जो प्रोजेक्ट फॉरेस्ट क्लीयरेंस की वजह से अटके हैं, उन्हें समन्वय बनाकर जल्द शुरू करने को कहा गया है।
💧 गर्मी से निपटने के लिए ‘एक्शन प्लान’
जिले में पानी की सप्लाई बनाए रखने के लिए अब तक किए गए बड़े कार्य:
- कंट्रोल रूम: कुल 369 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 348 का समाधान किया जा चुका है।
- हैंडपंप सुधार: 158 हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाए गए और 38 हैंडपंपों में सिंगल फेज मोटर डालकर उन्हें चालू किया गया।
- सफाई: मार्च से अब तक 15 भरे-पटे नलकूपों की सफाई कर उन्हें दोबारा उपयोग लायक बनाया गया।

📈 बड़ी परियोजनाओं की स्थिति
- आष्टा-रानीपुरा योजना: इस बड़ी समूह जलप्रदाय योजना का 70% कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे जिले के 719 गांवों को पानी मिलेगा।
- जल गंगा संवर्धन: कम पानी वाले 148 नलकूपों में ‘रिचार्ज शॉफ्ट’ और ‘पिट’ बनाकर जल स्तर सुधारने का काम जारी है।

👥 बैठक में मुख्य उपस्थिति
समीक्षा के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, पीएचई कार्यपालन यंत्री श्री प्रदीप सक्सेना और जल निगम के महाप्रबंधक मोहम्मद जैनुल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





