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भोपाल: वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध के चलते दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘तेल बचाओ’ अपील का असर अब मध्य प्रदेश की राजधानी में जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
सादगी की मिसाल: ई-स्कूटी पर ऊर्जा मंत्री
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एक नई मिसाल पेश की है। वे अपने सरकारी आवास से ई-स्कूटी चलाकर पंचानन भवन पहुंचे।
- उद्देश्य: ऊर्जा मंत्री ने बताया कि आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना और ईंधन की बचत करना जरूरी है।
- संकल्प: उन्होंने संकल्प लिया कि स्थानीय स्तर पर वे सामान्यतः स्कूटी का ही उपयोग करेंगे। हालांकि, बाहरी जिलों के दौरों के लिए वे ट्रेन या कार का सहारा लेंगे।

न्याय के साथ पर्यावरण की फिक्र
सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि न्यायपालिका से भी सकारात्मक संदेश आ रहा है। जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचे।
“यह सोच गलत है कि हाई कोर्ट के जज साइकिल से नहीं जा सकते। पेट्रोल-डीजल की बचत पर्यावरण और देशहित से जुड़ा विषय है।” — जस्टिस डीडी बंसल

दूसरी तरफ: काफिले का ‘शक्ति प्रदर्शन’
जहां एक ओर सादगी और बचत का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं पर इसका असर कम ही नजर आया।
- काफिले से जाम: खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भारी वाहनों के काफिले के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। इस शक्ति प्रदर्शन के कारण शहर में जाम की स्थिति बन गई।
- अजीब सफाई: जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने तर्क दिया कि वे घर से अकेले निकले थे, लेकिन रास्ते में समर्थक जुड़ते गए।
- हाईकमान की नजर: बता दें कि हाल ही में पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर द्वारा किए गए शक्ति प्रदर्शन को भाजपा प्रदेश हाईकमान ने गंभीरता से लिया है।





