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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती ग्राम छतरी में मानवता और आपसी प्रेम की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। यहाँ एक आदिवासी मजदूर की बेटी की शादी किसी शाही समारोह से कम नहीं थी, जिसका पूरा उत्तरदायित्व गाँव के ही पटेल परिवार ने उठाकर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है।
10 वर्षों का साथ, अब अटूट रिश्ते में बदला
मूलतः रायसेन जिले के चिरौली निवासी लखन सिंह रावत पिछले 10 वर्षों से ग्राम छतरी के रामसिंह मेवाड़ा और आशिष मेवाड़ा के यहाँ मजदूरी कर रहे हैं। लखन सिंह की पांच बेटियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी पूजा है।दस साल के इस लंबे साथ ने मालिक और मजदूर के फासले को मिटा दिया और जब पूजा के हाथ पीले करने का समय आया, तो पटेल परिवार ने अपनी ही बेटी की तरह जिम्मेदारी उठाई।
शाही अंदाज में निकली बारात, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
पूजा का विवाह रायसेन जिले के ग्राम बागोद से तय हुआ था। जब बारात रायसेन से छतरी पहुँची, तो पूरे गाँव ने पलक-पावड़े बिछाकर बारातियों का जोरदार स्वागत किया।
- डीजे और आतिशबाजी: बारात डीजे की धुन और शानदार आतिशबाजी के साथ कई किलोमीटर तक निकाली गई।
- स्वागत: ग्रामीणों ने बारात का भव्य स्वागत किया, जिसके बाद बारात रामसिंह मेवाड़ा के फार्म हाउस पहुँची, जहाँ शादी की सभी रस्में किसी राजसी परिवार की तरह पूरी की गईं।
“यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि हमारे परिवार और गाँव की एकजुटता का प्रतीक है। पूजा हमारे लिए बेटी समान है।” — मेवाड़ा परिवार
गृहस्थी का सामान और स्नेह भोज
पटेल परिवार की ओर से बेटी पूजा को दहेज के रूप में गृहस्थी का तमाम आवश्यक सामान उपहार स्वरूप दिया गया। इस मांगलिक अवसर पर एक विशाल स्नेह भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें छतरी सहित खस्ताखेड़ी, भोजाखेड़ी, और छतरी बैरागढ़ के सैकड़ों ग्रामीणों ने शिरकत कर नव-दम्पत्ति को अपना आशीर्वाद दिया।

दिग्गजों ने दिया आशीर्वाद
इस पुनीत कार्य में शामिल होने और वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए कालापीपल के पूर्व भाजपा विधायक श्री फूल सिंह मेवाड़ा भी पहुंचे। उनके साथ ही क्षेत्र के कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक इस गौरवमयी पल के साक्षी बने।
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