मानसून सत्र से पहले हो सकता है बड़ा फेरबदल, कई मंत्रियों की छुट्टी के संकेत
drnewsindia.com/मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आगामी विधानसभा मानसून सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में 31 मंत्री शामिल हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 35 मंत्रियों तक का प्रावधान है। ऐसे में अभी चार पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरा जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन अब इसे लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2028 को ध्यान में रखते हुए भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नए समीकरण साधने की तैयारी में है।
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। खासतौर पर विंध्य, महाकोशल और ग्वालियर-चंबल अंचल से नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा आगामी चुनावों के लिए सामाजिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी उन क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहती है, जहां संगठन को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
कैबिनेट विस्तार के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों की विदाई भी संभव मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि सरकार और संगठन दोनों स्तर पर मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जा रही है। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा या जो लगातार विवादों में रहे हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक 17 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य वरिष्ठ नेता मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। इन बैठकों में विभागीय कामकाज, जनसंपर्क और राजनीतिक प्रभाव का फीडबैक लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ से तुलना में पीछे MP
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 2023 में एक साथ विधानसभा चुनाव हुए थे, लेकिन छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार काफी पहले मंत्रिमंडल विस्तार कर चुकी है। वहां अगस्त 2025 में तीन नए मंत्रियों को शामिल कर राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन साध लिया गया था।
इसके विपरीत मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और कई बार के विधायकों की बड़ी संख्या के कारण समीकरण तय करने में अधिक समय लगा। महाकोशल, विंध्य और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों से कई दिग्गज नेताओं की दावेदारी ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने चुनौती बढ़ाई।
मिशन 2028 की तैयारी शुरू
भाजपा ने अब “मिशन 2028” की तैयारी तेज कर दी है। सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद संगठन अब प्रदर्शन आधारित राजनीति पर जोर दे रहा है। ऐसे में आगामी कैबिनेट विस्तार को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र से पहले होने वाला यह विस्तार मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे सकता है। भाजपा संगठन आगामी चुनावों से पहले सरकार और संगठन दोनों को नई ऊर्जा देने की कोशिश में जुटा हुआ है।




