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लखनऊ (आज की ताजा खबर): उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित प्रतिष्ठित लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) से एक बेहद शर्मनाक और गंभीर विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी के जूलॉजी डिपार्टमेंट (Zoology Department) के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर बीएससी फाइनल ईयर (BSc Final Year) की एक छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया जा रहा है कि प्रोफेसर ने छात्रा को फोन कर छुट्टी से वापस आने का दबाव बनाया और प्रलोभन देते हुए कहा कि उसने उसके लिए मुख्य और इलेक्टिव दोनों पेपर लीक करा दिए हैं। सोशल मीडिया पर इस बातचीत का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।
ऑडियो के अंत में रो पड़ी छात्रा: “मुझे पेपर नहीं चाहिए, वह फिर मोलेस्ट करना चाहता है”
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर प्रोफेसर छात्रा से उसकी मां की तबीयत के बारे में पूछता है और फिर उसे छुट्टी बीच में ही छोड़कर लखनऊ वापस आने के लिए मजबूर करता है। छात्रा जब घर की परिस्थितियों का हवाला देकर आने से मना करती है, तो प्रोफेसर पेपर आउट होने का लालच देकर उसे हर हाल में 4 दिन के भीतर मिलने के लिए बुलाता है।
इस बातचीत के दौरान छात्रा लगातार मिलने से बचती और इनकार करती सुनाई दे रही है। दिल दहला देने वाला मोड़ तब आता है जब फोन कट जाता है। फोन कटने के बाद छात्रा रोते हुए ऑडियो में रिकॉर्डिंग जारी रखती है और कहती है— “यह आदमी मुझे बुला रहा है। मैं जाऊंगी नहीं, मुझे नहीं चाहिए पेपर। यह मुझे अपने ऑफिस बुला रहा है ताकि दोबारा मेरा मोलेस्ट (यौन उत्पीड़न/शोषण) कर सके।”
यूनिवर्सिटी प्रशासन सख्त, बैठाई गई उच्च स्तरीय जांच
मामला सामने आते ही लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ तत्काल प्रभाव से आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
- यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लिया है। आंतरिक जांच प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। पीड़ित छात्रा का भी बयान दर्ज किया जाएगा और जांच पूरी होते ही दोषी के खिलाफ बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई जैसी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
- जूलॉजी डिपार्टमेंट की हेड प्रो. अमिता कनौजिया ने इस पर कहा, “कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग मेरे संज्ञान में भी आई है और मैंने इसे सुना है। हालांकि, आंतरिक जांच पूरी होने से पहले यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा जा सकता कि यह आवाज संबंधित प्रोफेसर की ही है या नहीं। जांच कमेटी इसकी पुष्टि करेगी।”

“फाइनेंशियल सपोर्ट से लेकर KGMU-PGI में मदद का लालच”
ऑडियो में प्रोफेसर की जो बातचीत रिकॉर्ड हुई है, वह किसी भी शैक्षणिक संस्थान को शर्मसार करने वाली है। प्रोफेसर छात्रा से कहता नजर आ रहा है कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) में उसके जानने वाले बड़े डॉक्टर्स हैं, वह कोई भी मेडिकल हेल्प करा सकता है। साथ ही वह छात्रा को ‘डार्लिंग’ कहकर संबोधित करता है और किसी भी तरह की फाइनेंशियल (आर्थिक) हेल्प और पर्सनल सपोर्ट देने की बात कहकर जाल में फंसाने की कोशिश करता है।

पढ़िए ऑडियो में हुई वो हैरान करने वाली पूरी बातचीत:
असिस्टेंट प्रोफेसर: बच्चा, मम्मा ठीक हैं?
छात्रा: जी सर। सब ठीक है।
असि. प्रोफेसर: चलो अच्छा, कुछ भी अगर हेल्प चाहिए होगा तो बताना। KGMU और PGI में ज्यादातर डॉक्टर अपने जानने वाले हैं। ठीक है डार्लिंग… अगर आप कहोगे तो मैं खुद आ जाऊंगा। कोई फाइनेंशियल सपोर्ट चाहिए होगा तो भी बताना। तुम्हारे लिए सब कुछ ओपन है।
छात्रा: नहीं सर, कुछ ऐसी दिक्कत नहीं है। हो जाएगा सब काम। अभी थोड़ा घर पर भी देखना है।
असि. प्रोफेसर: नहीं बता दूंगा किस दिन मिलना होगा? कोर (Core) और इलेक्टिव (Elective) दोनों पेपर मैंने तुम्हारे लिए आउट कर लिए हैं।
छात्रा: नहीं सर, मैंने पढ़ तो लिया है। सिलेबस मेरा पूरा हो गया है।
असि. प्रोफेसर: अरे यार, मैंने तुम्हारे लिए पूरा पेपर निकालकर रख लिया। आ जाओ बस।
छात्रा: पढ़ तो लिया है सर मैंने।
असि. प्रोफेसर: तो मिलने नहीं आओगी एक बार?
छात्रा: सर, मम्मी को थोड़ा देख लें। इस चक्कर में घर में रुकना इंपॉर्टेंट है।
असि. प्रोफेसर: तो मुझे बताओ, कब तक आ जाओगी मिलने एक बार।
छात्रा: सर घर पर थोड़ा स्टेबल हो जाए…
असि. प्रोफेसर: तो मतलब विदिन सेवन डेज (7 दिनों के भीतर)?
छात्रा: सर, एग्जाम्स हो जाएं तो फिर आते हैं।
असि. प्रोफेसर: मिलने आ जाओ, दोनों पेपर आउट कर लिए हैं तुम्हारे लिए।
छात्रा: अच्छा मैं ट्राई करती हूं। घर पर देखती हूं, जिस दिन निकल पाऊंगी, वैसे ही आती हूं।
असि. प्रोफेसर: ट्राई नहीं, आना पड़ेगा आपको बिल्कुल। ठीक है, 4 दिन के अंदर आ जाओ।
छात्रा: यस सर।
असि. प्रोफेसर: ओके, ओके।
(इसके बाद फोन कट जाता है और छात्रा की रोने जैसी आवाज आती है)
छात्रा (स्वयं से बोलते हुए): तो यह आदमी मुझे बुला रहा है। मैं जाऊंगी नहीं। मुझे नहीं चाहिए पेपर। यह मुझे अपने ऑफिस बुला रहा है जिससे दोबारा मुझे मोलेस्ट (शोषण) कर सके।





