क्रूज़ शिप पर हंटावायरस का कहर: 3 की मौत; सामान्य फ्लू जैसे दिखते हैं शुरुआती लक्षण

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drnewsindia.com

नीदरलैंड / नीदरलैंड के एक लग्जरी क्रूज़ शिप (सामुद्रिक जहाज) पर हंटावायरस (Hantavirus) का संदिग्ध प्रकोप सामने आया है, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई है। यह जहाज अर्जेंटीना से केप वर्डे की यात्रा पर था, जब इसमें सवार यात्री इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ गए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 4 मई 2026 तक इस क्रूज़ शिप पर कुल 7 मामले (2 लैब द्वारा पुष्ट और 5 संदिग्ध) सामने आए हैं। इनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, एक मरीज की हालत बेहद गंभीर है, और तीन अन्य में हल्के लक्षण देखे गए हैं। प्रभावित यात्रियों में अधिकांश ब्रिटिश, अमेरिकी और स्पैनिश नागरिक हैं।


क्या है हंटावायरस? (What is Hantavirus?)

हंटावायरस मुख्य रूप से चूहों (Rodents) द्वारा फैलने वाला एक गंभीर वायरस है। इस वायरस का नाम 1970 के दशक में दक्षिण कोरिया की ‘हंटान नदी’ (Hantan River) के नाम पर रखा गया था, जहाँ इसके शुरुआती मामले मिले थे।

यह कैसे फैलता है?

आम धारणा के उलट, यह वायरस केवल चूहों के काटने से नहीं फैलता। इसके फैलने का मुख्य तरीका बेहद छिपा हुआ और खतरनाक है:

  • हवा के ज़रिए संक्रमण (Inhalation): जब चूहों के मल-मूत्र या लार के सूखे कण हवा में मिलते हैं, तो सांस के ज़रिए ये इंसानों के फेफड़ों में पहुँच जाते हैं।
  • सफाई के दौरान खतरा: किसी बंद केबिन, स्टोररूम या धूल भरे कमरे में झाड़ू लगाने या वैक्यूम क्लीनर चलाने से ये अदृश्य कण हवा में तैरने लगते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा सबसे ज़्यादा होता है।

हंटावायरस के लक्षण (Symptoms of Hantavirus)

इस बीमारी के शुरुआती लक्षण बिल्कुल सामान्य फ्लू (Flu) जैसे होते हैं, जिसकी वजह से शुरुआत में इसे पहचानना बेहद मुश्किल होता है। चूहे के संपर्क में आने के 1 से 8 हफ़्तों के भीतर ये लक्षण दिख सकते हैं:

शुरुआती लक्षण (Early Symptoms):

  • तेज़ बुखार और थकान
  • मांसपेशियों और शरीर में गंभीर दर्द
  • सिरदर्द और चक्कर आना

गंभीर लक्षण (Late Symptoms):

संक्रमण के कुछ ही दिनों के भीतर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है:

  • लगातार खांसी आना
  • सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ (Shortness of breath)
  • फेफड़ों में पानी भर जाना (Fluid build-up)

नोट: हंटावायरस से होने वाली फेफड़ों की बीमारी (Hantavirus Pulmonary Syndrome) बेहद जानलेवा है, जिसका मृत्यु दर (Fatality Rate) लगभग 40% है।


क्या इसका कोई इलाज है? (Treatment & Prevention)

फिलहाल हंटावायरस के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या सटीक इलाज उपलब्ध नहीं है।

अस्पताल में मरीजों को केवल ‘सपोर्टिव केयर’ (Supportive Care) दी जाती है, जिसमें शामिल हैं:

  • भरपूर आराम और फ्लूइड्स (तरल पदार्थ)।
  • स्थिति गंभीर होने पर ऑक्सीजन थेरेपी या वेंटिलेटर का सहारा।

बचाव के तरीके (Prevention Tips):

चूंकि इसका कोई सटीक इलाज नहीं है, इसलिए सावधानी ही एकमात्र बचाव है:

  1. चूहों से दूरी: अपने रहने की जगह और घरों को चूहों से मुक्त रखें।
  2. सफाई का सही तरीका: यदि किसी जगह चूहों के होने का संदेह हो, तो वहाँ सूखी झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर का उपयोग बिल्कुल न करें। ऐसा करने से वायरस हवा में फैल जाता है। सफ़ाई के लिए कीटाणुनाशक (Disinfectant) या गीले पोंछे का इस्तेमाल करें।

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