drnewsindia.com
खेल जगत के सबसे बड़े मंच यानी फीफा मेंस वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून से होने जा रही है। 19 जुलाई तक चलने वाले इस महाकुंभ की मेजबानी पहली बार संयुक्त रूप से तीन देश—अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा कर रहे हैं। इस बार का उद्घाटन मैच मैक्सिको के ऐतिहासिक एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि इसका ग्रैंड फिनाले न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा।
यह टूर्नामेंट फुटबॉल के इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है क्योंकि फीफा ने इस साल से टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर सीधे 48 कर दी है। टीमों का आकार बढ़ने की वजह से कुल मैचों की संख्या भी 64 से बढ़कर रिकॉर्ड 104 हो गई है, जिससे दर्शकों को 39 दिनों तक नॉन-स्टॉप रोमांच देखने को मिलेगा।

इस बार वर्ल्ड कप में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस और जर्मनी जैसी दिग्गज टीमों के साथ कुल 48 देश हिस्सा ले रहे हैं। इस नए फॉर्मेट का सबसे बड़ा फायदा छोटे देशों को मिला है, जिससे उज्बेकिस्तान, जॉर्डन और केप वर्डे जैसे नए देश पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर कदम रखकर इतिहास रचने जा रहे हैं।
मैदान पर ट्रॉफी जीतने की जंग के बीच, इस वर्ल्ड कप का सबसे मुख्य और खूबसूरत लक्ष्य ‘फीफा ग्लोबल सिटीजन एजुकेशन फंड’ है। इसके तहत फीफा ने 100 मिलियन डॉलर यानी लगभग 830 करोड़ रुपये जुटाने का महा-लक्ष्य रखा है। इस राशि का उपयोग दुनिया भर के गरीब और वंचित इलाकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने, स्कूलों में डिजिटल टूल्स पहुँचाने और उन्हें फुटबॉल खेलने के लिए आधुनिक सुविधाएं व प्रोफेशनल कोचिंग देने के लिए किया जाएगा।




