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भोपाल/आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई का बड़ा बम फूटा है। देश भर में आज मंगलवार से पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले बीते 15 मई को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया गया था।
📍 आपके शहर के नए रेट्स: एक नज़र में
लोकल टैक्स और वैट (VAT) की अलग-अलग दरों के कारण मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज से नई कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर का नाम | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) |
| उज्जैन | 111.27 रुपए 🔺 | 96.40 रुपए |
| इंदौर | 110.79 रुपए | 95.97 रुपए |
| जबलपुर | 110.79 रुपए | 95.98 रुपए |
| भोपाल | 110.75 रुपए | 95.91 रुपए |
| ग्वालियर | 110.69 रुपए | 95.86 रुपए |
⚠️ छिंदवाड़ा में किल्लत: पेट्रोल पंपों पर लगी ‘लिमिट’, मशीनें हो जाएंगी लॉक!
ईंधन के इस संकट के बीच छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। वहाँ पेट्रोल-डीजल की किल्लत को देखते हुए तेल कंपनियों ने बिक्री की सीमा (Limit) तय कर दी है:
- दोपहिया वाहन: एक बार में अधिकतम 200 रुपए का ही पेट्रोल मिलेगा।
- छोटी कारें: अधिकतम 500 रुपए तक का ही पेट्रोल ले सकेंगी।
- बड़ी गाड़ियां: अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल की सीमा तय।
सख्त ऑनलाइन निगरानी: तेल कंपनियों ने डीलर्स को मौखिक निर्देश दिए हैं कि तय लिमिट से ज्यादा ईंधन बेचने पर संबंधित रिफ्यूलिंग मशीन को तुरंत ऑनलाइन लॉक कर दिया जाएगा। कंपनियों की ओर से नया टैंकर भी तभी भेजा जा रहा है जब पंप का पुराना स्टॉक पूरी तरह खत्म होने की कगार पर हो।
🙏 उज्जैन में अनोखी शपथ: ‘1 साल तक न खरीदें सोना, गाड़ी का इस्तेमाल कम करें’
बढ़ते संकट के बीच उज्जैन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान अमरावती से आए राष्ट्रीय संत डॉ. संतोष महाराज ने श्रद्धालुओं को पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए एक अनोखी शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का उपयोग न करें। इसके बजाय ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और साइकिल का इस्तेमाल करें। साथ ही उन्होंने देश हित में एक साल तक सोना (Gold) न खरीदने का संकल्प भी दिलाया।
💸 जेब पर चौतरफा मार: अब इन चीजों के भी बढ़ेंगे दाम
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर अब आपकी रसोई और रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर पड़ने वाला है:
- महंगी होंगी सब्जियां और राशन: ट्रक और टेम्पो का मालभाड़ा बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां और राशन महंगे हो जाएंगे।
- खेती की लागत बढ़ेगी: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों का डीजल खर्च बढ़ेगा, जिससे अनाज उत्पादन महंगा होगा।
- सफर होगा महंगा: बस, ऑटो और स्कूल वैन के किराए में भी जल्द ही बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

🔍 क्यों बढ़ रहे हैं दाम? समझिए इसके पीछे का गणित
- क्रूड ऑयल $100 के पार: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 70 डॉलर से उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं।
- 30,000 करोड़ का नुकसान: पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दामों के कारण हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का घाटा हो रहा था, जिसकी भरपाई के लिए ये दाम बढ़ाए गए हैं।
पीएम मोदी की अपील: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों का सावधानीपूर्वक और संयम से उपयोग करने की अपील की है ताकि देश की विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।





