बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की ऐतिहासिक बैठक: अमित शाह का बड़ा दावा— “31 मार्च 2026 से पहले हुआ नक्सलवाद का खात्मा”

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जगदलपुर (बस्तर) | 19 मई 2026 छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद’ (Central Regional Council) की 26वीं बैठक का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आंतरिक सुरक्षा, विकास और राज्यों के आपसी समन्वय पर कई बड़े फैसले लिए गए।

⚡ अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस: मुख्य बातें

  • 🎯 नक्सलवाद का खात्मा: गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा एलान करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले ही नक्सलवाद के खात्मे का टारगेट हासिल कर लिया गया है।
  • भूपेश सरकार पर निशाना: शाह ने कहा, “छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस (भूपेश बघेल) सरकार से हमें नक्सल उन्मूलन में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।”
  • ⛺ ‘वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा’: बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद सुरक्षा बलों के 70 कैंपों में से लगभग एक-तिहाई (1/3) कैंपों को सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • 🥛 बस्तर में बनेगा डेयरी नेटवर्क: हर आदिवासी महिला को पशुपालन से जोड़ा जाएगा। सरकार उन्हें गाय और भैंस उपलब्ध कराएगी, जिससे अगले 6 महीने में बस्तर में एक बड़ा डेयरी नेटवर्क खड़ा होगा।

👥 बैठक में शामिल हुए 4 राज्यों के मुख्यमंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगुआई में हुई इस बैठक में मध्य भारत के चार प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया:

  1. विष्णुदेव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)
  2. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)
  3. योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
  4. पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड)

इन मुद्दों पर बने कड़े फैसले: राज्यों के बीच कानून व्यवस्था, सीमा विवाद, परिवहन, बिजली, जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा पर संयुक्त रणनीति बनी। विशेषकर महिलाओं के उत्पीड़न और रेप जैसे गंभीर मामलों पर त्वरित फैसलों (Fast-Track) पर चर्चा की गई।

🛑 कांग्रेस का पलटवार: “यह सिर्फ खानापूर्ति और जल-जंगल-जमीन बेचने की प्लानिंग”

बैठक के समानांतर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अगुआई में कांग्रेसियों ने अमित शाह से मुलाकात और बस्तर के मुद्दों पर चर्चा की मांग की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। इस पर दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लिया:

  • खनिज संसाधनों को बेचने का आरोप: दीपक बैज ने कहा, “यह बैठक सिर्फ एक खानापूर्ति है। बस्तर के विकास के लिए नहीं, बल्कि यहाँ के जल-जंगल-जमीन को उद्योगपतियों को बेचने और खनिज संसाधनों के दोहन की असली प्लानिंग चल रही है। इसीलिए अमित शाह और चारों सीएम हमसे डर गए।”
  • वर्चुअल बैठक का तंज: बैज ने आगे कहा कि जब पीएम देश से पेट्रोल-डीजल बचाने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ की बात करते हैं, तो गृहमंत्री और मुख्यमंत्री करोड़ों खर्च कर रहे हैं। हाईटेक सुविधाओं के दौर में यह बैठक सचिवालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Virtual) के जरिए भी हो सकती थी।

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