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सीहोर। कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में समय-सीमा (TL) बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों के लंबित प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की। कलेक्टर ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, संयुक्त कलेक्टर श्री जमील खान, सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविंद्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, श्रीमती स्वाति मिश्रा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
📌 बैठक के मुख्य निर्णय और कलेक्टर के कड़े निर्देश:
1. भूमि आवंटन और भू-अर्जन में तेजी लाएं
- विभिन्न विभागों द्वारा भेजे जा रहे आधे-अधारे मामलों पर कलेक्टर ने भारी नाराजगी व्यक्त की।
- अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रकरण आवश्यक दस्तावेजों और पूर्ण जानकारी के साथ ही प्रस्तुत करें, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
- नेशनल हाईवे एवं रेलवे परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा कर लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
2. पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक संस्थानों की नियमित जांच
- जिले में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों एवं विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने वाले संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश।
- सुरक्षा उपकरणों, मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं की कड़ाई से जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

3. नौका संचालन में सुरक्षा मानक अनिवार्य
- नदी घाटों एवं बांधों में संचालित नौकायन गतिविधियों की सतत निगरानी की जाए।
- यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट, सुरक्षा उपकरण और क्षमता के अनुसार बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
4. ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट न हो
- सभी सीएमओ, जनपद सीईओ तथा पीएचई (PHE) विभाग को जिले में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।
- खराब हैंडपंपों और बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को तुरंत सुधारने तथा जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था (टैंकर आदि) करने को कहा।

5. जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी
- अभियान के तहत जल संरचनाओं के संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) संबंधी गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की गई।
- जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जोड़ने पर जोर दिया।
6. जनगणना कार्य: सर्वोच्च प्राथमिकता
- कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना का कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है।
- सभी प्रगणकों और अधिकारियों को यह कार्य पूरी गंभीरता, शुद्धता और समय-सीमा के भीतर करने की हिदायत दी गई, क्योंकि आंकड़ों का सही संकलन ही योजनाओं का आधार बनता है।





