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सीहोर/श्यामपुर। जिले के हीरापुर गांव में आपसी रंजिश और जमीनी विवाद के चलते एक किसान के खेत में आग लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस भीषण अग्निकांड में पीड़ित किसान का हजारों रुपए का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे आर्थिक संकट में है और न्याय के लिए भटक रहा है।
पुराने जमीनी विवाद में वारदात
यह घटना हीरापुर निवासी किसान कमलेश परमार के खेत में हुई। कमलेश के भाई प्रेम नारायण परमार ने अपने पड़ोसी पर सीधे तौर पर आग लगाने का आरोप लगाया है। प्रेम नारायण के अनुसार, पड़ोसी से उनका पुराना जमीनी विवाद चल रहा है और इसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
सब कुछ जलकर हुआ खाक, एक घंटे तक नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
भीषण गर्मी और तेज हवाओं के चलते आग ने कुछ ही पलों में पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। किसान कमलेश परमार के अनुसार, यह उनके सालभर की कमाई थी जो राख में बदल गई। खेत में रखा निम्नलिखित सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है:
- खेती में उपयोग होने वाले कीमती कृषि उपकरण।
- फसलों के लिए लाकर रखा गया महंगा खाद।
- बड़ी मात्रा में सूखी लकड़ियां और गोबर के कंडे।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। लेकिन सिस्टम की लाचारी देखिए कि सूचना के एक घंटे बाद तक भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दमकल समय पर आती, तो नुकसान बहुत कम होता।
पुलिस का टालमटोल रवैया: पहले जांच, फिर कार्रवाई
आग बुझने के बाद जब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचा और आरोपी पड़ोसी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराने की मांग की, तो उन्हें पुलिस की सुस्ती का सामना करना पड़ा। पुलिस ने तत्परता दिखाने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
पुलिस का कहना है कि पहले पटवारी मौके का मुआयना करेंगे, उनकी रिपोर्ट आएगी और नुकसान का पूरा आकलन होगा, उसके बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस के इस रवैये से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी असंतोष है।
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