Sehore Water Crisis: नौतपा से पहले तपा सीहोर, जीवनरेखा ‘सीवन नदी’ सूखी; मवेशी चर रहे घास

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सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नौतपा की शुरुआत से पहले ही भीषण गर्मी और गहरे जल संकट ने पैर पसार लिए हैं। जिले का पारा 44°C के पार पहुंच चुका है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली ‘सीवन नदी’ पूरी तरह सूख चुकी है, जिसके कारण पूरे नगर में पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है।

🔍 मुख्य बिंदु: संकट की बड़ी बातें

  • सूखी जीवनरेखा: सीवन नदी का तल पूरी तरह सूखकर फट चुका है; जहां कभी पानी बहता था, वहां अब मवेशी घास चर रहे हैं।
  • सन्नाटे में बाजार: दोपहर के समय तापमान 44°C से ऊपर जाने और लू (Heat Wave) चलने के कारण सड़कों और बाजारों में आवाजाही थम गई है।
  • टैंकरों पर निर्भरता: भूजल स्तर गिरने से नलों में पानी आना बंद हो गया है, जिससे लोग महंगे निजी टैंकरों के भरोसे हैं।

🛑 ग्राउंड रिपोर्ट: इंसान तो क्या, बेजुबान भी बेहाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में बीते कई वर्षों में सीवन नदी की ऐसी बदहाल स्थिति कभी नहीं देखी। स्थिति केवल इंसानों तक सीमित नहीं है:

  • पक्षियों और मवेशियों पर संकट: नदी और पारंपरिक जल स्रोतों के सूखने से बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए बूंद-बूंद पानी का अकाल पड़ गया है।
  • जनता की मांग: नागरिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि समय रहते टैंकरों के माध्यम से पानी की सुचारू सप्लाई शुरू की जाए, वरना आने वाले दिनों में हालात हाथ से निकल सकते हैं।

📋 प्रशासन का एक्शन: कलेक्टर के सख्त निर्देश

बढ़ते संकट को देखते हुए सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE), सभी जनपद सीईओ और सीएमओ को कड़े निर्देश जारी किए हैं:

“जिले में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। सभी खराब हैंडपंपों और बंद पड़ी नल-जल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए। आमजन को पानी के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जरूरत पड़ने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएं।”

बालागुरू के., कलेक्टर (सीहोर)

📊 सीहोर जल संकट: एक नज़र में

प्रभावित क्षेत्रमुख्य समस्यावर्तमान स्थिति
सीवन नदी क्षेत्रप्राकृतिक जल स्रोत का खत्म होनानदी का तल फटा, मैदान में तब्दील
शहरी व ग्रामीण इलाकेभूजल स्तर (Groundwater) गिरनानल-जल योजनाएं प्रभावित, निजी टैंकरों का सहारा
प्रमुख मार्ग व बाजार44°C+ तापमान और गर्म लूदोपहर में कर्फ्यू जैसा सन्नाटा

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