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पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन इसके बावजूद राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वीवीआईपी क्षेत्र से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री आवास के बिल्कुल नजदीक शराब की 10 खाली बोतलें मिली हैं। हाई-सिक्योरिटी जोन में इस तरह शराब की बोतलें मिलना सुरक्षा व्यवस्था और शराबबंदी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
कपड़े के थैले में पैक थीं महंगी बोतलें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास के पास सड़क किनारे शराब की खाली बोतलें देखी गईं। इनमें से एक बोतल जमीन पर खुली पड़ी थी, जबकि बाकी की 9 बोतलें अखबार (पेपर) में अच्छी तरह से रैप (लपेट) करके एक कपड़े के थैले के अंदर छिपाकर रखी गई थीं।
- महंगे ब्रांड की थीं बोतलें: जब्त की गई सभी बोतलें किसी आम शराब की नहीं, बल्कि बेहद महंगे और प्रीमियम इंटरनेशनल ब्रांड्स की हैं।
- कीमत: बाजार में इनमें से एक-एक बोतल की अनुमानित कीमत करीब 4,000 से 5,000 रुपये के बीच बताई जा रही है।
शराब की बोतलें मिलने की भनक लगते ही सचिवालय थाना प्रभारी गौतम कुमार अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी खाली बोतलों को वहां से हटवाया और अपने कब्जे में ले लिया। थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

10 साल में 17 लाख से अधिक गिरफ्तारियां: आबकारी विभाग
यह वाकया ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में आबकारी विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद बिहार के डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव ने शराबबंदी को लेकर पिछले एक दशक के आधिकारिक आंकड़े जारी किए थे। उन्होंने साफ कहा था कि राज्य में शराबबंदी को और अधिक कड़ाई से लागू किया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी 10 साल की रिपोर्ट (1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 तक):
| विवरण | कुल आंकड़े |
|---|---|
| कुल दर्ज मामले | 11 लाख 37 हजार 731 |
| कुल गिरफ्तारियां | 17 लाख 18 हजार 058 |
| नष्ट की गई शराब | जब्त अवैध शराब का लगभग 98% हिस्सा |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार की ओर से सूबे में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
तकनीक के सहारे तस्करी रोकने का दावा
सचिवालय और वीवीआईपी इलाकों में चूक के बीच, सरकार सीमावर्ती और नदी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के जरिए नेटवर्क तोड़ने का दावा कर रही है:
- ड्रोन और स्पीड बोट: दियारा (नदी के मैदानी क्षेत्र) और अन्य जलमार्गों पर पैनी नजर रखने के लिए 42 ड्रोन और 12 स्पीड मोटर बोट तैनात की गई हैं।
- हाई-टेक चेक पोस्ट: राज्य भर में 84 चेक पोस्ट एक्टिव हैं, जिनमें से 67 अंतर्राज्यीय (Interstate) सीमा पर हैं। ये सभी चेक पोस्ट आधुनिक सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं ताकि हर आने-जाने वाले वाहन की निगरानी की जा सके।
लेकिन इन तमाम कड़े पहरों और तकनीक के दावों के बीच मुख्यमंत्री आवास जैसी सुरक्षित जगह के पास महंगी शराब की बोतलों का मिलना, व्यवस्था के सामने एक नया सवालिया निशान खड़ा कर गया है।





